यूपी में पंचायत चुनाव की तैयारी के बीच 33 ग्राम पंचायतों के प्रधान मुश्किल में, हो सकती है रिकवरी भी
यूपी में ग्राम पंचायत चुनाव की तैयारियां तेजी चल रही हैं। इसके गांवों में हलचल तेज है। ग्राम प्रधान भी चुनाव की तैयारी में लग गए हैं। इस बीच यूपी के 33 ग्राम पंचायत के प्रधान मुश्किल में आ गए हैं।

यूपी के पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हैं। गांवों में भी ग्राम प्रधान और प्रधान प्रत्याशी भी तैयारी में लग गए हैं। इस बीच वित्तीय वर्ष 2022-23 में कराए गए विकास कार्यों के ऑडिट के दौरान अनियमितता पाए जाने पर यूपी के गोंडा जिले की 33 ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिवों को खर्च के सापेक्ष अभिलेख नहीं देने पर डीएम प्रियंका निरंजन ने सख्त रुख अपनाया है। 33 ग्राम पंचायतों के प्रधान मुश्किल में आ गए हैं। डीएम ने इन सभी को 10 जनवरी तक विकास कार्यों से संबंधित समस्त अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस के बाद अब संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर रिकवरी की तैयारी है।
बताया जाता है कि 31 दिसंबर को जिला पंचायत सभागार में डीएम की अध्यक्षता में प्रधानों और सचिवों के साथ बैठक हुई थी। इसमें विकास कार्यो पर खर्च की गई धनराशि के सापेक्ष जिन ग्राम पंचायतों ने ऑडिट टीम के समक्ष अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए थे उन्हें दस जनवरी तक सभी अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे पहले डीपीआरओ लालजी दूबे ने एक सप्ताह पूर्व सचिवों से व्यय का ब्योरा मांगा गया था, लेकिन 33 ग्राम पंचायतों की ओर से संतोषजनक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार 13 मई को ऑडिट टीम ने विकास कार्यों से संबंधित खर्च के अभिलेख मांगे थे। समय सीमा बीतने के बावजूद रिकॉर्ड न देने को वित्तीय अनियमितता मानते हुए डीपीआरओ की संस्तुति पर नोटिस जारी किए गए। इसमें कटरा बाजार, मनकापुर, पड़री कृपाल, इटियाथोक, मुजेहना, झंझरी, तरबगंज सहित कई ब्लॉकों की ग्राम पंचायतें इसमें शामिल हैं।
असंतोषजनक पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई होगी
विभिन्न ग्राम पंचायतों में चार लाख से लेकर 40 लाख रुपये से अधिक की धनराशि के खर्च का ब्यौरा लंबित है। डीएम ने सभी संबंधित प्रधानों और सचिवों को एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक जवाब देने के लिए कहा है। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी और अनियमित रूप से खर्च की गई पूरी धनराशि की रिकवरी भी की जाएगी।
प्रधानों और सचिवों को अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश
डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 33 गांवों में विकास कार्यों के नाम पर खर्च की गई धनराशि के अभिलेखों को उपलब्ध कराने को लेकर डीएम ने सख्त चेतावनी दी है। 10 जनवरी से पहले इन गांवों के प्रधानों और सचिवों को अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।




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