ग्रेटर नोएडा हादसे से इस जिले ने लिया सबक, थानेदारों को लाइफ जैकेट के साथ स्विमिंग की मिलेगी ट्रेनिंग
ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर की बेसमेंट के गड्ढे में कार के ऊपर बैठ लोगों को पुकारने तथा पुलिस के पहुंचने के बावजूद रेस्क्यू के अभाव में दम तोड़ दिया था। इस घटना से सबक लेते हुए कुशीनगर एसपी ने सभी थानेदारों को लाइफ जैकेट और स्विमिंग की ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया है।

करीब 15 दिन पहले पूर्व ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर युवराज की बेसमेंट के गड्ढे में कार के ऊपर बैठ लोगों को पुकारने तथा पुलिस के पहुंचने के बावजूद रेस्क्यू के अभाव में उसने दम तोड़ दिया था। इस घटना से सबक लेते हुए कुशीनगर एसपी ने जिले के पुलिस कर्मियों को गहरे पानी में डूब रहे लोगों को बचाने के लिए तैयार करने का निर्णय लिया है। उन्होंने प्रत्येक थानेदार को दो-दो लाइफ जैकेट मुहैया कराने का निर्णय लिया है। जिसे मंगवाने का आर्डर भी दे दिया है। इसी के साथ एसपी ने तय किया है कि सभी थानेदार व उनके दो-दो हमराहियों को जिला स्टेडियम के तरणताल में तैराकी सिखाएंगे।
ग्रेटर नोएडा के साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की गाड़ी घने कोहरे में 16 जनवरी की रात पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई थी। युवराज अपनी कार की छत पर चढ़ कर फोन से अपने पिता को फोन कर मदद मांगने की कोशिश की। 90 मिनट से ज़्यादा वह टॉर्च जला कर और मदद को पुकारते हुए वहीं बैठे रहा, लेकिन समय रहते उन्हें नहीं बचाया जा सका। इस घटना से सबक लेकर एसपी केशव कुमार ने जिला पुलिस को हाईटेक बनाने की दिशा में काम करना शुरू किया है। उन्होंने प्रत्येक थानेदार की गाड़ी में दो-दो लाइफ जैकेट मुहैया कराने के लिए आर्डर दिया है। लाइफ जैकेट आने के बाद जिला स्टेडियम के तरण ताल में प्रत्येक थानेदार व उनके दो-दो हमराहियों को तैराकी में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि पुलिस कहीं भी किसी को डूबते को देखे तो खुद पानी में उतरा कर जान बचा सके।
डूबने नहीं देती लाइफ जैकेट
लाइफ जैकेट पानी में सबसे जरूरी सुरक्षा उपकरणों में शामिल है। यह बाढ़, नाव यात्रा, नदी पार करने, स्विमिंग, बोटिंग, वॉटर स्पोर्ट्स में अनिवार्य होने के साथ तेज धारा या गहरे पानी में जान बचाने में सबसे कारगर साबित होती है। इसकी खासियत है कि उसे पहनने के बाद यह पानी में गिरने पर आपके शरीर को ऊपर रखती है और डूबने नहीं देती हैै। इसकी डिजाइन ऐसी होती है कि सिर पानी से ऊपर रहेगा, सांस लेना आसान होगा, बेहोश होने पर भी पानी में नहीं डूबेंगे। तैरना न आता हो तब भी सुरक्षा देगी। लाइफ जैकेट ज्यादातर ऑरेंज, रेड, येलो रंगों में होती है, ताकि दूर से भी दिख सके।
अभी रस्सी फेंकने के सिवा कुछ नहीं कर सकती पुलिस
फिलहाल की व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक थानेदार की गाड़ी में कुछ जरूरी उपकरण मौजूद होते हैं। इसमें किसी को पानी में डूबने से बचाने के लिए रस्सी रखी होती है। इसके अलावा भी 18 तरह के उपकरण होते हैं मगर इनमें डूबते को बचाने में कोई काम नहीं आता। पांच दिन पूर्व पडरौना नहर में एक युवक के छलांग लगाने पर कोतवाल ने स्वयं गाड़ी से रस्सी फेंक कर युवक को बचाने का प्रयास किया था, लेकिन वह गहरे पानी में बह गया। नोएडा में भी पुलिस डूब रहे इंजीनियर को बचाने के लिए रस्सी फेंकने के सिवा कुछ नहीं कर सकी थी।
एसपी केशव कुमार का कहना है कि गहरे पानी में डूबने वालों को बचाने के लिए पुलिस के पास सिर्फ रस्सी होती है। उसके सहारे पुलिस कर्मी तत्काल बचाने का काम करते हैं। नोएडा की घटना से सबक लेकर प्रत्येक थाने को दो-दो लाइफ जैकेट मुहैया कराने के आर्डर दिया गया है। इसके बाद थानेदार व उनके दो-दो हमराहियों को तैराकी का प्रशिक्षण दिया जायेगा। ताकि पुलिस डूब रहे लोगों की जान को बचा सकें।




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