यूपी के इस जिले की पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, 154 कर्मी इधर से उधर, 6 थानों को मिले नए प्रभारी
यूपी के बांदा जिले में पुलिस प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले के विभिन्न थानों और चौकियों में तैनात 16 निरीक्षकों और 38 उपनिरीक्षकों समेत कुल 154 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण कर उन्हें नई तैनाती दी गई है।

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पुलिस विभाग में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। इसके तहत 16 निरीक्षकों और 38 उपनिरीक्षकों समेत कुल 154 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण कर उन्हें नई तैनाती दी गई है। इस संबंध में मंगलवार को आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की गई। जारी सूची के अनुसार, स्थानांतरण किए गए कर्मियों में 16 निरीक्षक, 38 उपनिरीक्षक, 7 हेड कांस्टेबल और 63 कांस्टेबल शामिल हैं। इस दौरान कई थाना प्रभारियों और वरिष्ठ उपनिरीक्षकों को इधर-उधर करते हुए विभिन्न थानों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
फतेहगंज, जसपुरा और चिल्ला थानों के प्रभारी निरीक्षकों को उनके पदों से हटाकर जिले के छह थानों में नए प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष तैनात किए गए हैं। इसके अलावा जिले की करीब डेढ़ दर्जन पुलिस चौकियों पर भी नए चौकी प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस व्यापक तबादले को एक सामान्य प्रक्रिया बताया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कार्यकुशलता बढ़ाने, बेहतर तालमेल और जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में उठाया गया है। हालांकि अचानक हुए इस बड़े फेरबदल से पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है।
गोरखपुर ट्रांसफर के बाद छह महीने से लापता दारोगा
उधर, सीबीसीआईडी लखनऊ में तैनात रहे एक दरोगा के गोरखपुर जोन में तबादले के बाद छह महीने तक आमद न कराने का मामला सामने आया है। जुलाई 2025 में गोरखपुर जोन में स्थानांतरण होने के बावजूद संबंधित दारोगा ने जनवरी 2026 में जाकर पुलिस लाइन गोरखपुर में आमद दर्ज कराई। इसके पहले दरोगा की तलाश की जा रही थी।
जानकारी के मुताबिक दरोगा उमेन्द्र राय का 11 जुलाई को गोरखपुर जोन में ट्रांसफर किया गया था। यहां 18 जुलाई तक गोरखपुर जोन के गोरखपुर जिले में नियमों के अनुसार आमद करनी थी, लेकिन वह इस दौरान कहां तैनात रहा और किसके आदेश पर ड्यूटी करता रहा, इसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला है। 20 जनवरी 2026 को दरोगा ने पुलिस लाइन आमद किया है। छह महीने तक दरोगा के लापता रहने की जानकारी सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है।




साइन इन