यूपी में हीट वेव को लेकर सभी अस्पताल किए गए अलर्ट, डीएम-सीएमओ को ये सख्त निर्देश
यूपी में हीट वेव को लेकर सभी अस्पताल अलर्ट किए गए हैं। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को हीट वेव से अधिक खतरा है। ऐसे में खासतौर से उन्हें केंद्र में रखते हुए स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
UP Weather News: हीट वेव को देखते हुए पूरे प्रदेश के अस्पतालों को अलर्ट किया गया है। भीषण गर्मी की आशंका के चलते राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने हीट वेव से निपटने के लिए यह अलर्ट जारी किया है। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को हीट वेव से अधिक खतरा है। ऐसे में खासतौर से उन्हें केंद्र में रखते हुए स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी ब्लॉक स्तरीय अस्पतालों में कोल्ड रूम अनिवार्य होगा।
प्रदेश में बढ़ते तापमान और हीट वेव के खतरे को देखते हुए एनएचएम ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि मौसम विभाग के आकलन के अनुसार इस वर्ष तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक तथा कई क्षेत्रों में 5 से 8 डिग्री तक ऊपर जा सकता है, जिससे हीट स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका है। सबसे अधिक फोकस गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा पर है। इनके लिए अलग से जागरूकता सामग्री और उपचार प्रोटोकॉल लागू करने को कहा गया है। सभी अस्पतालों में कोल्ड रूम की व्यवस्था, ओआरएस कॉर्नर की स्थापना और जरूरी दवाओं, आईवी फ्लूड व आइस पैक की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है।
हीट वेव के मामलों की होगी दैनिक निगरानी
फ्रंटलाइन वर्कर, आशा और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को गांव और शहरी क्षेत्रों में हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानने और तत्काल उपचार देने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें खासतौर से हीट वेव के चलते होने वाली बीमारियों की निगरानी को कहा गया है। सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल, छायादार स्थल और तापमान की सूचना प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। हीट वेव से संबंधित बीमारियों की दैनिक निगरानी और रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है।
बेमौसम बारिश से खराब गेहूं की भी होगी खरीद
वहीें मौसम बारिश से प्रभावित गेहूं फसल को लेकर केंद्र सरकार ने यूपी के किसानों को बड़ी राहत दी है। रबी विपणन सत्र 2026-27 में पूरे प्रदेश में गेहूं की खरीद ढीले गुणवत्ता मानकों के साथ करने की अनुमति दे दी गई है, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। यह फैसला केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर लिया है। इस संबंध में बुधवार को आदेश जारी कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए गेहूं खरीद के यूनिफॉर्म स्पेसिफिकेशन में छूट दे दी है। बुधवार को संयुक्त आयुक्त (भंडारण एवं अनुसंधान) विश्वजीत हलधर द्वारा प्रदेश के खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव को भेजे गए पत्र के मुताबिक, प्रदेश के सभी जिलों में अब 70 प्रतिशत तक लस्टर लॉस (चमक में कमी) वाले गेहूं की खरीद की जा सकेगी। इसके साथ ही गेहूं के सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा को भी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक कर दिया गया है।




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