महिला आरक्षण के नाम पर 'PDA' का हक मारने की बड़ी साजिश, अखिलेश बोले- जनगणना टालना मकसद
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल को भाजपा की चुनावी साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा जातिगत जनगणना से बचने के लिए यह जल्दबाजी कर रही है। अखिलेश ने 'PDA' के अधिकार मारने का आरोप लगाया।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल लाने की कवायद को भाजपा की 'चुनावी घबराहट' बताया है। अखिलेश ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा इस बिल के बहाने असल मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की इस 'जल्दबाजी' से साफ है कि अब जनता के बीच उनका आधार खत्म हो चुका है और उनकी विदाई का समय आ गया है। अखिलेश से पहले बुधवार की सुबह बसपा प्रमुख मायावती ने भी महिला आरक्षण में एससी, एसटी और ओबीसी को अलग से आरक्षण की मांग की।
जातिगत जनगणना से भाग रही भाजपा
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा असल में जनगणना को टालना चाहती है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि जनगणना होगी, तो निश्चित रूप से 'जातिगत जनगणना' की मांग उठेगी, जिससे भाजपा हमेशा से भागती रही है। सपा प्रमुख के अनुसार, भाजपा और उसके सहयोगी कभी भी पिछड़ों और दलितों को उनका वास्तविक हक नहीं देना चाहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले में 'A' का एक मतलब 'आधी आबादी' (महिलाएं) भी है और यह बिल इसी 'PDA' के अधिकारों को खत्म करने की एक सोची-समझी साजिश है।
चुनावी हेराफेरी का भंडाफोड़: 'PDA प्रहरी' से खौफ
अखिलेश ने भाजपा पर चुनावी धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि अब उनकी 'कलई' खुल चुकी है। उन्होंने कहा कि 'PDA प्रहरी' का विचार अब हर प्रदेश और हर दल ने स्वीकार कर लिया है, जो भाजपा की हर चाल पर नजर रख रहा है। अखिलेश के मुताबिक, समर्थकों और वोटरों के 'अकाल' से जूझ रही भाजपा निराशा के इस दौर में नए वोटरों को लुभाने के लिए महिला आरक्षण का कार्ड खेल रही है, लेकिन अब जुमले काम नहीं आएंगे।
महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है आधी आबादी
भाजपा सरकार में महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि आज महिलाएं सबसे ज्यादा दुखी हैं। उन्होंने कहा, "कमीशनखोरी और चंदा वसूली की वजह से महंगाई चरम पर है, सिलेंडर की कीमतों ने रसोई सूनी कर दी है और भाजपा की शिक्षा विरोधी नीतियों के कारण सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं।"
मेरठ और नोएडा की महिलाओं का दिया हवाला
अपने हमले को धार देते हुए अखिलेश यादव ने हालिया विवादों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मेरठ के व्यापारियों के परिवारों की महिलाओं के आंसू और नोएडा की महिला श्रमिकों व कामगारों का दर्द भाजपा के कुशासन की गवाही दे रहे हैं। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा, "अगर यह बिल वाकई महिलाओं के हित में है, तो इसे मेरठ और नोएडा की उन पीड़ित कामगार महिलाओं के बीच बैठकर घोषित किया जाए।"




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