लोकसभा-विधानसभा में पिछड़ों को मिले अलग आरक्षण, सांसद चंद्रशेखर का बड़ा दांव
आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने लखनऊ में 'पिछड़ा वर्ग अधिकार सम्मेलन' के माध्यम से लोकसभा-विधानसभा में पिछड़ों को आरक्षण और अति पिछड़ी जातियों के लिए 15% अतिरिक्त आरक्षण की मांग की है।

UP News:उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक (PDA) की लड़ाई अब और तेज हो गई है। लखनऊ में 'पिछड़ा वर्ग अधिकार सम्मेलन' के दौरान आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद चंद्रशेखर आजाद ने आरक्षण और भागीदारी का नया कार्ड खेला। चंद्रशेखर ने मांग की है कि लोकसभा और विधानसभाओं में पिछड़ों के लिए आरक्षण की मांग की। इसके साथ ही कहा कि अति पिछड़ी जातियों को वर्तमान आरक्षण के अलावा 15 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण दिया जाए, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय मिल सके। इसके साथ ही सरकारी सेवाओं में दलित-पिछड़ों को पदोन्नति में कोटा देने की वकालत की। यूजीसी और उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछड़ों की भागीदारी कम होने पर सरकार को घेरा।उन्होंने दावा किया कि सरकार हमारी एकता से इतनी डरी हुई है कि पंचायत चुनाव कराने में उसके पसीने छूट रहे हैं।
'जातियों का भूत उतारिए, एकजुट होइए'
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि सत्ताधारी दल और विपक्षी दल केवल जातियों में बांटकर अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं। उन्होंने साफ लहजे में कहा, "जातियों का भूत उतारिए, क्योंकि ये हमें केवल नुकसान पहुंचाने के लिए बनी हैं।" उन्होंने दलित, ओबीसी और मुस्लिम समुदाय को एक मंच पर आने का आह्वान करते हुए कहा कि 2027 का चुनाव हमारे बच्चों के भविष्य का चुनाव है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समाज केवल 'पांच किलो राशन' के नाम पर वोट देता रहा, तो आने वाली पीढ़ी स्कूलों का दरवाजा भी नहीं देख पाएगी।
विपक्षी दलों पर साधा निशाना, गांधी और अंबेडकर का किया जिक्र
चंद्रशेखर ने कांग्रेस और भाजपा सहित अन्य विपक्षी दलों को घेरते हुए इतिहास के पन्नों को भी पलटा। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को मुस्लिम समाज का समर्थन मिला था, लेकिन तत्कालीन समय में 'मिस्टर गांधी' ने उनका विरोध किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी राजनीति उसी पुराने ढर्रे पर चल रही है, जहाँ बहुजन समाज के वोटों का इस्तेमाल तो होता है, लेकिन उन्हें नेतृत्व नहीं दिया जाता।
'महापुरुषों को पूजने से ज्यादा पढ़ने की जरूरत'
नौजवानों को संदेश देते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि बहुजन समाज ने अब अपने महापुरुषों को केवल 'पूजना' शुरू कर दिया है, जबकि जरूरत उन्हें 'पढ़ने' की है। उन्होंने कहा, "विपक्षी यही चाहते हैं कि आप सिर्फ फूल चढ़ाएं, लेकिन अगर आप उन्हें पढ़ लेंगे तो आप अपने हक के लिए लड़ना सीख जाएंगे।" इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी की विचारधारा में मंडल कमीशन लागू करने वाले वी.पी. सिंह और बी.पी. मंडल के नाम को भी जोड़ने का ऐलान किया।
सांसद ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि अगले सात-आठ महीने तक चैन से नहीं बैठना है। गांव-गांव जाकर एकता का संदेश पहुंचाना है ताकि 2027 में 'बहुजन सत्ता' का संकल्प पूरा हो सके।




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