23 में 12, इम्तिहान का रिजल्ट नहीं...; भाजपा नेताओं के बीच गोलीबारी पर अखिलेश का तंज, वीडियो किया पोस्ट
अलीगढ़ में भाजपा के दो गुटों के बीच 23 सेकंड में 12 राउंड फायरिंग का वीडियो वायरल होने के बाद अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा है। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि यह वर्चस्व की लड़ाई दरअसल सत्ता के संरक्षण में किए गए अवैध कार्यों के बंटवारे को लेकर है।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में भाजपा के दो गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर हुई खौफनाक गोलीबारी का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना का वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल 'X' पर पोस्ट करते हुए भाजपा पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने इस हिंसा को "लूटे हुए माल के बंटवारे की लड़ाई" करार दिया है।
अखिलेश यादव का ‘एक्स’ पर तीखा हमला
अखिलेश यादव ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, "23 में 12... ये किसी इम्तिहान का रिज़ल्ट नहीं है, बल्कि अलीगढ़ में भाजपा नेताओं के बीच हुए घमासान में गोलियों के स्नेह आदान-प्रदान का दुर्दांत आंकड़ा है।" उन्होंने तंज कसते हुए आगे लिखा कि यह वारदात तब हुई जब भाजपा के 'डबल डिब्बों' के बीच महज 23 सेकंड में 12 राउंड गोलियां चलीं। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि यह वर्चस्व की लड़ाई दरअसल सत्ता के संरक्षण में किए गए अवैध कार्यों के बंटवारे को लेकर है।
23 सेकंड, 12 राउंड और सरेराह दहशत
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अलीगढ़ के बन्नादेवी क्षेत्र में सराय हकीम के पास दो गुट आमने-सामने हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महज 23 सेकंड के भीतर 12 राउंड गोलियां तड़तड़ाईं, जिससे बाजार में भगदड़ मच गई। इस गोलीबारी में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मुख्य आरोपी हर्षद हिंदू की हिस्ट्रीशीट भी खोल दी है।
सोशल मीडिया स्टेटस से शुरू हुआ खूनी खेल
पुलिस जांच के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक गाने के सोशल मीडिया स्टेटस को लेकर हुई थी। हर्षद हिंदू और शशांक पंडित के गुटों के बीच वर्चस्व की पुरानी रंजिश थी। हर्षद द्वारा लगाए गए एक स्टेटस पर दूसरे गुट के मोहित शर्मा ने आपत्ति जताई, जिसके बाद गाली-गलौज और मारपीट हुई। देखते ही देखते दोनों पक्ष हथियारों के साथ सड़क पर उतर आए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
वर्चस्व और राजनीति का गठजोड़
बताया जा रहा है कि हर्षद और शशांक दोनों ही भाजपा युवा मोर्चा में सक्रिय थे और पद पाने की होड़ में अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे थे। इस घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं के बीच पनप रहे 'गन कल्चर' पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। पुलिस का ऐक्शन जारी है और फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।




साइन इन