कानपुर के जाम में फंसे अखिलेश यादव, बोले-भाजपा ने इसे बदनामपुर बना दिया
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर शुक्रवार दोपहर एक निजी बस खराब हो जाने से भीषण जाम लग गया। जाम की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का काफिला भी इसमें फंस गया। इसके बाद अखिलेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर तंज कसा।

यूपी के लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित जाजमऊ पुराने पुल पर शुक्रवार दोपहर एक निजी बस खराब हो जाने से भीषण जाम लग गया। जाम की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का काफिला भी इसमें फंस गया। इसके बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कानपुर को बदनामपुर बना दिया है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे जाजमऊ पुल पर बस खराब होते ही वाहनों की कतार लगनी शुरू हो गई। इसी दौरान अखिलेश यादव कानपुर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन जाम के कारण उनका काफिला भी काफी देर तक पुल पर रुका रहा। जाम की सूचना पर जाजमऊ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पहले क्रेन मंगवाने का प्रयास किया गया, लेकिन जाम बढ़ता देख पुलिसकर्मियों ने स्वयं धक्का लगाकर बस को पुल से बाहर निकलवाया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे शुरू हो सकी।
कानपुर में भी अखिलेश यादव को देखने के लिए कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ने से यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। करीब चार घंटे बाद शाम पांच बजे के आसपास जाम से राहत मिल सकी। कई किलोमीटर लंबे जाम में आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। जाजमऊ चौकी प्रभारी विनोद सिंह ने बताया कि पुल पर बस खराब होने और कानपुर में भीड़ बढ़ने के कारण जाम की स्थिति बनी थी।
एक्स पर अखिलेश का तंज
जाम में फंसे अखिलेश यादव ने फेसबुक और एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, दावा तो यह है कि लखनऊ से कानपुर 45 मिनट में पहुंचा देंगे। उलटी गणित वालों से पूछ रहे हैं कि दो स्मार्ट सिटी के बीच गंगा ब्रिज पर 90 मिनट का जाम भी इसमें शामिल है या अलग से अनुपूरक बजट की तरह जोड़ा जाएगा। भाजपाइयों की सबसे बुरी बात यह है कि जितना बताते नहीं हैं, उससे दोगुना छिपाते हैं।
कानपुर अब बदनामपुर बन चुका है:पूर्व सीएम
अखिलेश यादव ने कहा कि सत्तारूढ़ दल ने कानपुर को बर्बाद कर दिया और कभी फलते-फूलते औद्योगिक केंद्र को 'बदनामपुर' बना दिया। शहर का नाम आज कार पलटने, पुलिस-वकील के झगड़े और फर्जी मुठभेड़ों की वजह से सुर्खियों में है। कानपुर शहर जो कभी अपनी कपड़ा मिलों और अन्य चीजों के निर्माण के केंद्र के लिए मशहूर था, वह अब सड़क हादसों, झगड़ों और प्रशासनिक कमियों से जुड़ा है। ऐतिहासिक लाल इमली कपड़ा मिल के बंद होने और गंगा में सीवर का पानी जाने के मुद्दे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कानपुर की विरासत को कमजोर किया गया है।




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