सरकार की चुप्पी चिंताजनक, हिंद महासागर में अमेरिकी हमले पर अखिलेश ने भाजपा को घेरा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हिंद महासागर में अमेरिकी हमले पर केंद्र सरकार की चुप्पी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंताजनक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए मौन है।

UP News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हिंद महासागर क्षेत्र में ईरानी जहाज पर अमेरिकी हमलों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा कि अमेरिकी-इजराइली हमलों का हमारी सरहदों के इतने करीब, हिंद महासागर तक पहुंचना न केवल सामरिक दृष्टि से खतरनाक है, बल्कि हर देशवासी के लिए गहरी चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर केंद्र सरकार ने 'अभूतपूर्व चुप्पी' साध रखी है, जो संदेह पैदा करती है।
मजबूरी या भय?
सपा अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर सरकार की विदेश नीति और रक्षा तैयारियों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि सरकार के 'होंठ सिल' गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "जनता पूछ रही है कि आपका कौन सा पत्ता दबा है? स्पष्ट किया जाए कि इसे मात्र एक कूटनीतिक चुप्पी माना जाए या किसी महाशक्ति का विशेष भय।"
अखिलेश ने जोर देकर कहा कि यह एक संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है। ऐसे में देश की सरकार, विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय का यह संयुक्त दायित्व बनता है कि वे राष्ट्र के सामने अपना आधिकारिक पक्ष स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि कई दिनों की प्रतीक्षा के बाद भी जब सरकार ने मुँह नहीं खोला, तो इस वैश्विक संकट पर देश के मुख्य विपक्ष को मजबूर होकर बोलना पड़ रहा है।
'सरकार-शून्यता' का काल और सीमाओं की सुरक्षा
अखिलेश यादव ने देश की वर्तमान स्थिति को 'सरकार-शून्यता' (Governance Vacuum) का काल बताते हुए कहा कि ऐसा महसूस हो रहा है जैसे देश में सरकार नाम की कोई चीज़ ही नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा सरकार अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर अस्पष्ट नीति अपना रही है, ताकि लोग केवल अटकलों और चर्चाओं में उलझे रहें।
उन्होंने आशंका जताई कि आगामी संसद सत्र में भी भाजपा कोई न कोई विवादास्पद विषय जरूर उठाएगी, जिससे सुरक्षा और विदेश नीति की विफलताओं पर बात ही न हो सके। उन्होंने मांग की कि इस संकटकाल में सरकार को अपनी सक्रियता दिखानी चाहिए और देश की जल, थल व वायु सीमाओं की अभेद्य रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय हमलों और मानवाधिकारों पर चिंता
सपा अध्यक्ष ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अयातुल्ला खामेनेई पर हुए हमले और ईरान के मीनाब में एक स्कूल पर हुए घातक इजरायली-अमेरिकी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने अत्यंत दुख प्रकट करते हुए कहा कि एक स्कूल पर हुए हमले में 165 मासूम छात्राओं की जान जाना हृदयविदारक है। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि जिनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय कानून, जो युद्ध और संघर्ष के समय भी मानव जीवन और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए हैं, ऐसे हिंसक कृत्यों से गंभीर खतरे में हैं। उन्होंने वैश्विक शांति की अपील करते हुए केंद्र सरकार से अपनी भूमिका स्पष्ट करने को कहा।




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