मर्जी का परिसीमन करवाना चाहती थी BJP, महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने पर बोले अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के फैसलों को समझना मुश्किल है। विशेष गहन पुनरीक्षण के वक्त लोगों से कहा गया था कि वोट नहीं कटने दिए जाएंगे, लेकिन हमने यूपी में देखा कि SIR के बहाने NCR लागू कर दी गई। जब भविष्य में एनआरसी करेंगे तो न जाने कौन से नए कागज मांगेंगे?

Womens Reservation Bill: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के बहाने अपनी मर्जी का परिसीमन करवाना चाहती थी। उन्होंने साफ किया कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि विरोध भाजपा की नीयत का है। भाजपा अपनी मर्जी के परिसीमन से ऐसे समीकरण तैयार करना चाहती है, ताकि वे कभी भी चुनाव न हारे। हालांकि, यह साफ है कि वे जब भी चुनाव मैदान में उतरेंगे जनता उन्हें बुरी तरह हरा देगी।
अखिलेश ने शुक्रवार को संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा के फैसलों को समझना मुश्किल है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के वक्त लोगों से कहा गया था कि वोट नहीं कटने दिए जाएंगे, लेकिन हमने यूपी में देखा कि एसआईआर के बहाने एनआरसी लागू कर दी गई। जब भविष्य में एनआरसी करेंगे तो न जाने कौन से नए कागज मांगेंगे?
अखिलेश ने कहा कि हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन सपा उनके बहाने भाजपा को लोकतंत्र और संविधान धज्जियां नहीं उड़ाने देगी। ये परिसीमन क्यों करना चाहते है? अपनी मनमर्जी से निर्वाचन क्षेत्र क्यों बनाना चाहते है? असम में लोगों ने देखा किस तरह निर्वाचन क्षेत्र बने हैं। जम्मू-कश्मीर में कैसे निर्वाचन क्षेत्र बने हैं? ये महिला आरक्षण बिल के बहाने परिसीमन लाना चाहते हैं। अब सरकार कह रही है घर गिने जा रहे है, हमें क्यों नहीं गिना जा रहा है? जानवरों को गिना जा रहा है। आदमियों को नहीं गिना जा रहा है।
सबसे कम वेतन मिलता है नोएडा में
अखिलेश ने कहा कि यूपी में डबल इंजन सरकार है। हालांकि, देश में सबसे कम वेतन नोएडा में मिलता है। सरकार को महंगाई के अनुपात में वेतन पर विचार करना चाहिए। श्रमिकों का वेतन बढ़ाने से सरकार को कौन रोक रहा है? मतलब साफ है कि कुछ लोग सरकार से मिले हैं और सरकार उन्हीं के स्वार्थ में उन्हें ज्यादा कमाने देना चाहती है। सरकार नोएडा को जानबूझकर बर्बाद करना चाहती है।
भाजपा भ्रम फैला रही: डिंपल यादव
मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि भाजपा भूमिका बनाकर यह साबित करना चाहती है कि विपक्ष महिला आरक्षण के साथ नहीं है। यह झूठ है। भाजपा भ्रम फैला रही। 2013 में नारी वंदन अधिनियम पास करने में सत्ता और विपक्ष दोनों साथ थे। केंद्र सरकार महिला आरक्षण से संबंधित जो संशोधन लाई उसके पीछे सरकार की मंशा क्या है? भाजपा को साफ करना चाहिए कि वह क्या हकीकत में महिलाओं का सशक्तीकरण चाहती है या उनके बहाने अपना? सपा का पक्ष रहा है कि पहले जनगणना हो फिर परिसीमन हो। उसी के मुताबिक आरक्षण लागू हो।




साइन इन