बड़ी कंपनियों से कमीशन के चक्कर में सोनाबंदी, पीएम मोदी की अपील पर अखिलेश यादव का आरोप
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से एक साल तक 'सोना न खरीदने' की अपील पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि बड़ी कंपनियों से मोटा कमीशन खाने के चक्कर में भाजपा सरकार युद्ध का बहाना बनाकर देश में 'सोनाबंदी' करना चाहती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साल तक सोना नहीं खरीदने की देशवासियों से अपील की है। इस अपील को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि बड़ी कंपनियों से एकमुश्त कमीशन लेने के चक्कर में भाजपाइयों ने युद्ध के बहाने, सोनाबंदी की बात की है। जेवरात-गहनों के व्यापार में बड़ी कंपनियों के आ जाने से छोटे सुनार वैसे भी प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे थे।
अखिलेश ने कहा है कि भाजपाई जानते हैं कि एक साल में तो लाखों सुनार चौपट होकर अपना काम बंद कर देंगे, तब ये बड़ी कंपनियां हर छोटे-बड़े शहर में अपने शोरूम खोलकर मनमाने दाम पर गहने बेचकर जनता को लूटेंगी और भाजपा को अकूत धन कमाकर देंगी। उन्होंने कहा कि भाजपाई नीतियों के मारे सुनार-स्वर्णकार समाज की इन समस्याओं को सुनकर लगा कि सबसे अधिक धन लगाकर व्यापार करने वाले लोगों के चमचमाते शोरूमों और ज्वेलरी शॉप की चमक जब धूमिल हो गई है, तो बाकी दूसरे काम-कारोबार का क्या। ये लोग कहां जाएंगे और कैसे अपने परिवारों को पालेंगे। भाजपा सरकार की नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था को अनर्थ-व्यवस्था में बदल दिया है। आम लोगों के जीवन को संकट से भर दिया है। सुनार कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा।
कई जिलों में सोना कारोबारियों का प्रदर्शन
पीएम मोदी की सोना नहीं खरीदने की अपील के बाद लखनऊ-वाराणसी समेत कई जिलों में सोना कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने प्रदर्शन किया है। लखनऊ में तो एक दिन पूरा कारोबार भी बंद रहा। सोना के सबसे बड़े कारोबारी केंद्र मेरठ में दुकानों पर पीएम मोदी की अपील के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है। सोना कारोबारियों का कहना है कि खरीद बिक्री नहीं होने से सबसे बड़ी दिक्कत सोना कारीगरों के सामने खड़ी हो गई है। उनके पास काम नहीं है।
वकीलों पर लाठीचार्ज को लेकर बरसे
वहीं, लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज को लेकर भी अखिलेश यादव प्रदेश की योगी सरकार पर बरसे। अखिलेश ने कहा है कि लखनऊ में वकीलों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना उनके चैंबर तोड़ना और विद्वान अधिवक्ताओं के ऊपर लाठीचार्ज करना घोर आपत्तिजनक और घोर निंदनीय है। अधिवक्ता ही जब अन्याय का शिकार होंगे तो आम नागरिक को न्याय कैसे मिलेगा?
अखिलेश ने कहा कि भाजपा में शामिल हो रहे भ्रष्टाचारियों को छोड़ कर सब कुछ अवैध ही है क्या? अब उप्र के वकील मिलकर भाजपाइयों और उनके अन-रजिस्टर्ड संगी-साथियों के घर, दुकानों, कार्यालयों व प्रतिष्ठानों के नक्शे निकलवा कर उनके वैध-अवैध होने का प्रमाण ढूंढेंगे और अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के लिए याचिका दाखिल करेंगे। उन्होंने लाठीचार्ज में घायल हुए वकीलों का निशुल्क उपचार कराने और उनके काम की क्षति के लिए मुआवजा देने की मांग की है।




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