बटुक प्रकरण पर अखिलेश की ब्रजेश पाठक को चुनौती, समाज का सम्मान बचाएं या सरकार गिराए
बटुक ब्राह्मणों की चोटी खींच खींचकर मारे जाने के मामले में अखिलेश यादव ने ब्रजेश पाठक को चुनौती दी है। अखिलेश ने कहा कि हैसियत है तो डिप्टी सीएम अपने समाज का सम्मान बचाएं या सरकार गिराए और इस्तीफा दें।

यूपी के प्रयागराज में बटुक ब्राह्मणों की चोटी खींच खींचकर मारे जाने के मामले पर सियासत तेज है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को चुनौती दे डाली। अखिलेश यादव ने कहा कि हमसे गलती हुई, हमने माफी मांगी, लेकिन डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को सांप सूंघ गया था। एक महीने बाद पता चला कि चुटिया पकड़ी थी। सनातन की रखवालों की सरकार में ब्राह्मणों की चुटिया खीचीं। अखिलेश ने चुनौती देते हुए कहा कि डिप्टी सीएम की हैसियत है तो अपने समाज का सम्मान बचाएं। ब्रजेश पाठक सरकार गिराए या डिप्टी सीएम के पद से इस्तीफा दे दें।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पालकी से संगम स्नान के लिए जा रहे थे। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया और डुबकी लगाने से मना कर दिया। उनकी ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि उनके साथ आए बटुक ब्राह्मणों की चोटी (शिखा) तक खींची गई। इस आरोप ने यूपी की सियासत को गरमा दिया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ आए बटुक ब्राह्मणों के साथ बदसलूकी मामले ने तूल पकड़ा। इस प्रकरण यूपी की राजनीति में भूचाल ला दिया। इस मामले पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी प्रतिक्रिया दी थी।
101 बटुक ब्राह्मणों का ब्रजेश पाठक ने किया था सम्मान
उन्होंने कहा था कि शिखा का अपमान करना महापाप है और इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ एक्शन होना चाहिए। इसके बाद उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने सरकारी आवास पर 101 बटुक ब्राह्मणों को आमंत्रित किया। ब्रजेश पाठक ने सभी बटुकों का पारंपरिक तिलक लगाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया। ब्रजेश पाठक ने इस अवसर पर सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और परंपराओं की गरिमा बनाए रखने की बात दोहराई थी। इस दौरान बटुकों ने उपमुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने ब्राह्मण समाज और धार्मिक परंपराओं के सम्मान पर स्पष्टता से अपनी प्रतिक्रिया दी।
सपा नेता शिवपाल ने भी ब्रजेश पाठक पर कसा था तंज, मांगा था इस्तीफा
इस मुद्दे पर बीजेपी के कुछ ब्राह्मण नेताओं ने भी ब्रजेश पाठक का साथ दिया। नेताओं ने कहा था कि'बटुकों का अपमान गलत था। ब्राह्मणों की चोटी खींचने को कोई सपोर्ट नहीं कर सकता। हालांकि, सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने तंज कसते हुए कहा था कि बटुकों को सम्मानित करने से क्या होगा? अगर ब्रजेश पाठक को बटुकों के अपमान की इतनी चिंता है तो इस्तीफा देकर दिखाएं।




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