ऊपर वालों की हिस्सेदारी न होगी तो...सुल्तानपुर विधायक के बहाने अखिलेश यादव का BJP पर हमला
अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा-‘भाजपाई ही भाजपाई का सगा नहीं है, आपसी लूटपाट में ही सब एक-दूसरे की पोल खोल रहे हैं। भाजपाई विधायक वसूली एजेंट बन गये हैं। अगर इसमें ऊपरवालों की हिस्सेदारी नहीं होगी तो 25 लाख की रंगदारी वसूलनेवाले तुरंत गिरफ़्तार होंगे।’

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सुलतानपुर के विधायक के बहाने बुधवार को भाजपा पर हमला बोला। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक फर्म की डायरेक्टर का वीडियो शेयर कर करते हुए उन्होंने लिखा- ‘भाजपाई ही भाजपाई का सगा नहीं है, आपसी लूटपाट में ही सब एक-दूसरे की पोल खोल रहे हैं। भाजपाई विधायक वसूली एजेंट बन गये हैं। अगर इसमें ऊपरवालों की हिस्सेदारी नहीं होगी तो 25 लाख की रंगदारी वसूलनेवाले तुरंत गिरफ़्तार होंगे।’
अखिलेश यादव ने आगे लिखा, ‘ये बात सिर्फ़ सुल्तानपुर के भाजपा विधायक की नहीं है, पूरे प्रदेश-देश का हाल यही है। भाजपाई भ्रष्टाचार का मकड़जाल सब जगह फैला हुआ है। जब हर ठेकेदार ऐसी शर्तों पर काम करेगा, तो क्वॉलिटी तो गिरेगी, सड़क धंसेगी, पुल और टंकियाँ धराशायी होंगी, छतें टपकेंगी और लोगों के जीवन ख़तरे में पड़ जाएंगे।’
उन्होंने लिखा-‘मुश्किल ये है कि ‘उधर’ किसी का हर कारोबारी के साथ खुला है साझा खाता, ‘इधर’ किसी को हाता नहीं भाता। भाजपा जाए तो तरक़्क़ी आए!’
ये है मामला
बता दें कि यह विवाद सुल्तानपुर में सड़क चौड़ीकरण से जुड़ा है। पिछले दिनों सिद्धार्थ इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर शशि सिंह ने सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय और उनके समर्थकों पर 25 लाख रुपए की रंगदारी करने का आरोप लगाया था। इस फर्म को बरौसा में 84 आश्रम तक सड़क चौड़ीकरण का काम मिला है। फर्म की डायरेक्टर ने आरोप लगाया है कि 16 अगस्त को जैसे ही साइट पर काम शुरू हुआ सुल्तानपुर विधायक 10 गाड़ियों से अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के साथ गाली गलौज की गई और ट्रक के ड्राइवर को पीटा गया। बताया जा रहा है कि आरोप लगाने वाली फर्म डायरेक्टर की सास ब्लॉक प्रमुख हैं।
हालांकि विधायक राज प्रसाद उपाध्याय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे तो सड़क की गुणवत्ता की जांच करने पहुंचे थे। उनका कहना है कि ठेकेदार जल्दबाजी में नियमों के विपरीत काम करवा रहा था। एक निजी चैनल से बातचीत में विधायक ने कहा, ‘आप लोग जानते हैं कि मैं कितना मांगने वाला हूं। न जेई को पता, न एई को पता, न एडीओ को पता, न एसी को पता और न विधायक को पता...और लोग जाकर काम शुरू कर रहे। वही 35 प्रतिशत वाले लोग हैं जो चाहते थे कि आनन-फानन में कर-करके निकल जाएं।’




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