कपटजीवी, महापाप, नैतिक मृत्युदंड: केजरीवाल को राहत मिलते ही अखिलेश भाजपा पर खूब बरसे
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को मिली राहत के बाद भाजपा पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा को 'कपटजीवी' और 'विचारवंशी' बताते हुए उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगाया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिली बड़ी राहत के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक लंबा और आक्रामक पोस्ट साझा करते हुए भाजपा को 'कपटजीवी' करार दिया। शंकराचार्य पर आरोपों को लेकर भी घेरा और भाजपा पर संतों के अपमान से लेकर देशद्रोह के इतिहास तक के गंभीर आरोप मढ़े। सपा प्रमुख का यह हमला केवल केजरीवाल के समर्थन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने इसे भाजपा के लिए एक 'नैतिक मृत्युदंड' के समान बताया।
सत्य की जीत और भाजपा का विश्वासघात
अखिलेश यादव ने केजरीवाल का समर्थन करते हुए कहा कि आज सत्य और न्याय दोनों उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा कि कोई भी आरोप इतना बड़ा नहीं हो सकता जो सच को पूरी तरह ढंक ले। अखिलेश ने दावा किया कि आज देश का हर ईमानदार व्यक्ति राहत महसूस कर रहा होगा, जबकि भाजपा समर्थक शर्म के मारे 'घोर आत्म-लज्जित' हो रहे होंगे। उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा को दिल्ली की जनता के साथ विश्वासघात करने का दोषी ठहराया।
शंकराचार्य पर आरोपों को बताया 'महापाप'
अपने हमले को धार देते हुए अखिलेश ने हालिया शंकराचार्य विवाद को भी भाजपा के खिलाफ हथियार बनाया। उन्होंने लिखा कि जो 'कपटजीवी' सनातनी शंकराचार्य, साधु-संतों और संन्यासियों तक पर झूठे आरोप लगाने का 'महापाप' करते हैं, उनकी कल्पना से परे है कि वे किसी दल या व्यक्ति को बदनाम करने के लिए किस हद तक गिर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा किसी भी शरीफ आदमी की सोच से भी ज्यादा गहरे षड्यंत्र रचती है।
इतिहास के पन्नों से 'विचारवंशियों' पर प्रहार
सपा प्रमुख ने भाजपा के वैचारिक पूर्वजों पर सीधा हमला करते हुए स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले वर्तमान सत्ता के 'संगी-साथी' देश के दुश्मनों से मिले हुए थे और स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ मुखबिरी का काम करते थे। उन्होंने कड़े शब्दों में लिखा, "साम्राज्यवादियों के माफ़ी-वज़ीफ़े पर रहने वाले छल-छलावे के वो विचारवंशी भाजपाई, आज किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं।" अखिलेश यादव ने केजवीवाल की रिहाई को लेकर यहां तक कहा कि भाजपा के लिए ये समाचार किसी ‘नैतिक मृत्युदंड’ से कम नहीं है। अखिलेश यादव का यह बयान विपक्षी एकता को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है।
गौरतलब है कि दिल्ली की अदालत ने अरविंद केजरीवाल के साथ ही मनीष सिसोदिया को शराब घोटाले के आरोपों में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। इस मामले में केजरीवाल और सिसोदिया लंबे समय तक जेल में भी रहे हैं।




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