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केजरीवाल को बिना सबूत फंसाया; अदालत ने 'शराब का घोटाला' माना ही नहीं, सभी आरोप मुक्त

जिस कथित शराब घोटाले की वजह से आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नेताओं को महीनों जेल में बिताना पड़ा, उन आरोपों की अदालत में धज्जियां उड़ गईं। अदालत ने सभी 23 आरोपियों के खिलाफ केस बंद कर दिया है।

Fri, 27 Feb 2026 01:29 PMSudhir Jha लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली, हेमलता कौशिक
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केजरीवाल को बिना सबूत फंसाया; अदालत ने 'शराब का घोटाला' माना ही नहीं, सभी आरोप मुक्त

जिस कथित शराब घोटाले की वजह से आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नेताओं को महीनों जेल में बिताना पड़ा, उन आरोपों की अदालत में धज्जियां उड़ गईं। अदालत ने सीबीआई की दलीलों को चकनाचूर करते हुए कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं। ना सिर्फ सबको क्लीनचिट मिल गई, बल्कि 'शराब घोटाले' के आरोपों को ही निराधार कर दिया।

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) केस में चार्जशीट को बेहद कमजोर और सूबतों के अभाव का हवाला देकर अदालत ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया। राउस एवेन्यू अदालत में विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि आबकारी नीति में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक इरादा नहीं था।

अदालत ने कहा- कोई सबूत नहीं, केस बंद

अदालत ने अरविंद केजरीवाल और उनके दाएं हाथ मनीष सिसोदिया को आरोप मुक्त करते हुए कहा कि सीबीआई के पास इनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं। अदालत ने ना सिर्फ अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को आरोप मुक्त किया बल्कि विजय नायर, के. कविता, अमनदीप ढल समेत सभी 23 आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया। अदालत ने इनके खिलाफ चल रहे केस को बंद कर दिया है।

केजरीवाल को बिना सबूत फंसाया गया: अदालत

विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने जांच में हुई चूक के लिए सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं थे, जबकि सिसोदिया के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता था। उन्होंने 'कुछ भ्रामक कथनों' पर जोर दिया और कहा कि विस्तृत आरोपपत्र में कई कमियां हैं जिनकी पुष्टि सबूतों या गवाहों से नहीं होती है। न्यायाधीश सिंह ने कहा, '...आरोपपत्र में आंतरिक विरोधाभास हैं, जो साजिश की थ्योरी की जड़ पर प्रहार करते हैं।'

रिकॉर्ड में कोई सबूत नहीं, बरामदगी भी नहीं

उन्होंने कहा कि किसी भी सबूत के अभाव में केजरीवाल के खिलाफ लगाए गए आरोप टिक नहीं सकते और पूर्व मुख्यमंत्री को बिना किसी ठोस सबूत के फंसाया गया है। न्यायाधीश ने कहा कि यह कानून के शासन के प्रतिकूल था। सिसोदिया के संबंध में न्यायाधीश ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत नहीं है जो उनकी संलिप्तता को दर्शाता हो और न ही उनसे कोई बरामदगी की गई है।

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क्या बोले केजरीवाल के वकील

कोर्ट के आदेश पर अरविंद केजरीवाल के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने कहा कि सभी दलीलें सुनने, आरोपपत्र की जांच करने और हजारों दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि कोई मामला नहीं बनता है। अरविंद जी और मनीष सिसोदिया जी दोनों को आरोपमुक्त कर दिया गया है। आरोपी नंबर एक और दो को भी बरी कर दिया गया है। सभी पहलुओं पर विचार करते हुए अदालत ने पाया कि आरोपमुक्त करने का मामला बनता है।

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