UP Budget 2026: यूपी बजट में कन्यादान की राशि दोगुना, बेटियों को शादी पर देंगे 1 लाख रुपये
यूपी बजट में महिला और बाल विकास के लिए भी कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। इसी में से एक घोषणा सामूहिक विवाह के दौरान कन्याओं को मिलने वाली राशि की रही। बजट के अनुसार अब से लड़कियों को शादी के लिए 1 लाख रुपये मिलेंगे।

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। पिछले वर्ष के बजट से इस साल का बजट लगभग 12.2 प्रतिशत अधिक है। बजट पेश करते हुए खन्ना ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय 2025-2026 में 1,20,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इसके साथ ही महिला और बाल विकास के लिए भी कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। इसी में से एक घोषणा सामूहिक विवाह के दौरान कन्याओं को मिलने वाली राशि की रही। बजट के अनुसार अब से लड़कियों को शादी के लिए 1 लाख रुपये मिलेंगे।
आज बजट पेश करते हुए सुरेश खन्ना ने कहा कि हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में राज्य ने चौतरफा विकास देखा है, चाहे वह कानून व्यवस्था को मजबूत करना हो, बुनियादी ढांचा सुविधाओं का विस्तार करना हो, औद्योगिक निवेश हो, रोजगार सृजन हो, महिला सशक्तिकरण हो, युवाओं का कौशल विकास हो, किसानों की समृद्धि हो या गरीबी उन्मूलन हो। वहीं, लड़कियों के लिए घोषणा की गई है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत सभी वर्ग की पुत्रियों के विवाह हेतु अनुदान राशि रूपये 51,000 रुपये से बढ़ाकर 1.01 लाख रूपये कर दी गई है। योजना हेतु 750 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
सामूहिक विवाह की राशि दोगुना करने के साथ ही अनुसूचित जाति के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना हेतु 100 करोड़ रूपये तथा सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी योजना हेतु 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के प्रयास
सरकार मौजूदा प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार करेगी और राज्य भर में नए केंद्र खोले जाएंगे। सरकार रोजगार प्रशिक्षण और नियुक्ति केंद्र स्थापित करने के लिए पीपीपी मॉडल के तहत निजी क्षेत्र को भी शामिल करेगी। कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाएंगे।
कृषि निर्यात और किसानों की आय पर विशेष ध्यान
विश्व बैंक समर्थित यूपी-एग्रीज परियोजना के तहत एक कृषि निर्यात केंद्र बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य कृषि निर्यात बढ़ाना और किसानों की आय में सुधार करना है। सरकार जन विश्वास सुधार ढांचे के तहत सरल पंजीकरण और लाइसेंसिंग के माध्यम से उद्योगों को सहयोग देने की भी योजना बना रही है, जिससे व्यावसायिक संचालन आसान हो जाएगा।
केंद्र की नीति का स्वागत
राज्य ने मधुमेह और कैंसर की दवाओं की कीमतों में कमी लाने के केंद्र के कदम का भी स्वागत किया और इसे जन स्वास्थ्य सेवा के लिए लाभकारी बताया।




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