बंगाल में ममता की हार से अखिलेश सतर्क, कहा- यूपी चुनाव से महिला आरक्षण लागू करे बीजेपी सरकार
बंगाल में ममता की हार से अखिलेश सतर्क हो गए हैं। उन्होंने बीजेपी सरकार से मांग की है कि महिला आरक्षण को 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले ही लागू करने की स्पष्ट घोषणा की जाए।

Akhilesh news: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की हार और बदलते राजनीतिक समीकरण के बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव सर्तक हो गए हैं। उन्होंने बीजेपी सरकार से मांग की है कि महिला आरक्षण को 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले ही लागू करने की स्पष्ट घोषणा की जाए। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह बयान सिर्फ महिला आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति का हिस्सा भी है। यूपी जैसे बड़े राज्य में महिलाओं का वोट प्रतिशत निर्णायक भूमिका निभाता है और ऐसे में यह मुद्दा आने वाले चुनावों में अहम बन सकता है। वहीं दूसरी ओर, बीजेपी भी इस मुद्दे पर विपक्ष पर लगातार हमलावर है। बीजेपी का कहना है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम विपक्ष की वजह से गिर गया। कुल मिलाकर महिला आरक्षण का मुद्दा अब उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बड़े चुनावी एजेंडे के रूप में उभरता दिख रहा है, जहां आने वाले समय में बयानबाजी और सियासी सरगर्मी तेज हो सकती है।
अखिलेश यादव ने मंगलवार को केंद्र की बीजेपी सरकार से वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए महिलाओं का आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग की। अखिलेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर की गई एक पोस्ट में भाजपा को चुनौती दी कि या तो वह उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए महिला आरक्षण लागू करें या फिर खुले तौर पर स्वीकार करे कि वह महिलाओं के हितों के खिलाफ है।
उन्होंने पोस्ट में कहा कि पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) की मांग है कि जो महिला आरक्षण समस्त विपक्ष ने मिलकर संसद में सहर्ष पास किया है उसे 2027 के उप्र विधानसभा चुनाव में लागू करने की घोषणा भाजपा सरकार तत्काल करे या कह दे कि पुरुषवादी भाजपाई और उनके सामंती संगी-साथी महिलाओं को आरक्षण के खिलाफ हैं। यादव ने कहा कि जब तक यह घोषणा नहीं होगी तब तक हम यह बात हर हफ़्ते जगह-जगह उठाते रहेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें वह समाजवादी पार्टी पर संसद में महिला आरक्षण को रोकने का इल्जाम लगा रहे हैं। अखिलेश की यह मांग उनकी पार्टी की व्यापक 'पीडीए' रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वोट बैंकों को मजबूत करने का मंसूबा है।
साल 2011 की जनगणना पर आधारित परिसीमन प्रक्रिया के बाद 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए लोकसभा सीटों को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 किया जाना था। इसके अलावा महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी सीटें बढ़ाई जानी थीं। इस सिलसिले में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पिछली 17 अप्रैल को संसद में पारित नहीं हो सका था। उसके बाद से भाजपा लगातार विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगा रही है।
अखिलेश ने बंगाल सीएम के लिए उछाला महाभारत में द्रौपदी बनी रूपा गांगुली का नाम
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए अभिनेत्री और बीजेपी नेता रूपा गांगुली का नाम मुख्यमंत्री पद के संदर्भ में उछाला। रूपा महाभारत सीरियल में द्रौपदी की भूमिका के लिए पहचानी जाती हैं। इसे राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है। अखिलेश ने फोटो के साथ पोस्ट किया जिसमें लिखा कि बंगाल में जब परिणाम मनमर्ज़ी से निकाला गया है तो भाजपाई परंपरा के अनुसार, मुख्यमंत्री भी मनमर्ज़ी से ही बनेगा। इसीलिए ये विशेष मांग है कि इस बार ‘पर्ची’ उनके नाम की निकलनी चाहिए जो पौराणिक काल से नारी के प्रति पुरुषवादी नकारात्मक सोच और शोषण की प्रतीक-भूमिका निभा चुकी हैं। जिन्हें भारतीय नारी का आदर्श मानने की सलाह लोहिया जी तक ने दी थी। आशा है ‘महिला आरक्षण’ के संदर्भ में इस पर अमल होगा।




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