यूपी में AIMIM अचानक हुई ऐक्टिव, मेरठ में प्रदेश अध्यक्ष काफिला लेकर निकले; पुलिस से तकरार
मेरठ के किठौर में AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के काफिले को पुलिस ने रोक लिया। पुलिस-प्रशासन और एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं के बीच इसे लेकर तकरार की स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार केवल दो गाड़ियों के साथ कार्यक्रम की अनुमति दी गई थी, लेकिन कार्यकर्ता और नेता 50 गाड़ियों के जुलूस के साथ पहुंचे।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) यूपी में अचानक सक्रिय (Active) हो गई है। पार्टी अपना जनाधार बढ़ाने के लिए गांव-गांव अभियान चला रही है। सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम अध्यक्षों की तैनाती के साथ ही 121 सदस्यीय समिति बनाई जा रही है। जिसमें 100 सक्रिय सदस्य हैं और 21 मुख्य सदस्य जिनकी देखरेख में बूथ को मजबूत करने की जुगत की जा रही है। इस बीच मंगलवार को मेरठ के किठौर में एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के काफिले को पुलिस ने रोक लिया। पुलिस-प्रशासन और एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं के बीच इसे लेकर तकरार की स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार केवल दो गाड़ियों के साथ कार्यक्रम की अनुमति दी गई थी, लेकिन कार्यकर्ता और नेता 50 गाड़ियों के जुलूस के साथ पहुंचे।
एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली किठौर स्थित शाहजमाल स्थित फार्म हाउस में मंगलवार को 'पैगाम-ए-इत्तेहाद' कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इस दौरान भारी भीड़ के कारण सड़क जाम हो गई, जिसमें एंबुलेंस भी फंस गई। इसके चलते पुलिस ने मेरठ-हापुड़ सीमा पर काफिले में शामिल वाहनों को रोक लिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष फहीम एडवोकेट और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। पुलिस ने नियम तोड़ने पर कई गाड़ियों का चालान किया और एक गाड़ी को सीज कर दिया। एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष फहीम एडवोकेट ने कहा कि एआईएमआईएम की जनसभा से पुलिस-प्रशासन को आपत्ति क्यों है? लोकतंत्र में यह तरीका ठीक नहीं है।
पंचायत और विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही एआईएमआईएम
एआईएमआईएम, यूपी में इस साल प्रस्तावित पंचायत चुनाव और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के मुताबिक हर ग्राम सभा में ग्राम अध्यक्ष बनाया जा रहा है। जिला, ब्लॉक, विधानसभा और ग्राम पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में मुसलमानों के साथ भेदभाव तो किया ही जा रहा है लेकिन महंगाई और बेरोजगारी भी बड़े मुद्दे हैं।
वह खुद इस समय अमरोहा में नुक्कड़ सभा के माध्यम से पार्टी से लोगों को जोड़ने के लिए तैयारी कर रहे हैं। पार्टी के मुखिया असुद्दीन ओवैसी भी लगातार प्रदेश संगठन के कामों पर नजर रखे हुए हैं और हर हाल में पार्टी संगठन को मजबूत कर जनाधार बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। रमजान के बाद प्रदेश भर में अभियान और तेज किया जाएगा। आमजगढ़, बागपत, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली और संभल जैसे मुस्लिम बाहुल्य जिलों में पार्टी ने निगाहें गड़ा रखी हैं।




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