जो सपना देख रहे बाबरी ढांचे का...कयामत कभी नहीं आएगी; बाराबंकी में जमकर गरजे योगी
सीएम योगी बाराबंकी के दरियाबाद क्षेत्र स्थित दुल्हदेपुर कुटी में रामार्चा यज्ञ में शामिल हुए। यज्ञ मंडप में उन्होंने आहुति दी। सीएम योगी ने कहा कि साल-2017 के पहले यूपी के हालात ऐसे थे कि हर चौथे दिन कर्फ्यू लगाना पड़ता था। पर्व-त्योहार शांति से नहीं मनाए जा सकते थे। अब अराजकता खत्म हो चुकी है।

सीएम योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बाराबंकी में जमकर गरजे। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि जो लोग सपना देख रहे हैं बाबरी ढांचे का उन्हें बता देना चाहते हैं कि कयामत का दिन कभी नहीं आने वाला है। सीएम योगी ने कहा-‘कयामत के दिन के लिए मत जिओ, हिंदुस्तान में कायदे से रहना सीखो। यहां का कानून मानो। कानून मानोगे, कायदे से रहोगे तो फायदे में रहोगे और नहीं तो आगे का रास्ता तो फिर कहां के लिए जाता है, कानून कोई तोड़ेगा तो वह रास्ता फिर जहन्नुम की ओर ही जाता है। कानून तोड़कर कोई जन्नत जाने का सपना देख रहा है तो यह कभी पूरा न नहीं होने वाला है।’
सीएम योगी बाराबंकी के दरियाबाद क्षेत्र स्थित दुल्हदेपुर कुटी (बजरंग व्यायामशाला) में रामार्चा यज्ञ में शामिल हुए। यज्ञ मंडप में उन्होंने आहुति दी। इस मौके पर उन्हें मखाने और लावा की माला पहनाकर स्वागत किया गया। सीएम योगी ने कहा कि साल-2017 के पहले प्रदेश के हालात ऐसे थे कि हर चौथे दिन शहरों में कर्फ्यू लगाना पड़ता था।
पर्व-त्योहार शांति से नहीं मनाए जा सकते थे। अब प्रदेश में अराजकता खत्म हो चुकी है। विकास की नई रफ्तार दिख रही है। सीएम योगी ने कहा कि भारत और सनातन संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। आज सनातन पर दुनिया भर से प्रहार हो रहे हैं। ऐसे में सभी लोगों को सचेत और सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि साजिश वे लोग रच रहे हैं जिन्हें देश और प्रदेश का विकास अच्छा नहीं लगता।
योगी आदित्यनाथ ने सरकारी योजनाओं का विस्तार से उल्लेख करते हुए बताया कि एक करोड़ 16 लाख परिवारों को सालाना पेंशन दी जा रही है। 15 से 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। पांच करोड़ 46 लाख लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने बाराबंकी को विकास प्राधिकरण देने की घोषणा भी की। बाराबंकी में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अयोध्या के संत-महंत, भाजपा पदाधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे। बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सुलतानपुर और गोंडा से भी लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।




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