Aided Sanskrit schools received assistance of Rs 66 lakh 40 thousand under Project Alankar यूपी के इन स्कूलों की बदलेगी सूरत, प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 66.40 लाख रुपये की मिली मदद, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

यूपी के इन स्कूलों की बदलेगी सूरत, प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 66.40 लाख रुपये की मिली मदद

यूपी के एडेड माध्यमिक संस्कृत स्कूलों के जर्जर भवनों को चमकाने के लिए प्रोजेक्ट अलंकार चलाया जा रहा है। इसके तहत सात एडेड स्कूलों को 66.40 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत सरकार की ओर से 95 प्रतिशत धनराशि दी जा रही है।

Sun, 1 March 2026 05:47 AMPawan Kumar Sharma प्रमुख संवाददाता, लखनऊ
share
यूपी के इन स्कूलों की बदलेगी सूरत, प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 66.40 लाख रुपये की मिली मदद

अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक संस्कृत स्कूलों के जर्जर भवनों को चमकाने के लिए प्रोजेक्ट अलंकार चलाया जा रहा है। इसके तहत सात एडेड स्कूलों को 66.40 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। स्कूलों की सूरत संवारने को प्रोजेक्ट अलंकार के तहत सरकार की ओर से 95 प्रतिशत धनराशि दी जा रही है। वहीं स्कूल अपने स्तर पर 5 प्रतिशत धनराशि खर्च करेंगे।

जिन सात एडेड माध्यमिक स्कूलों को 66.40 लाख रुपये जारी किए गए हैं उनमें महाराजगंज के जगदीश प्रसाद पांडेय संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मंगलापुर नौतनवा, गौरी शंकर संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ठूठीबारी व वैदिक धर्म संजीवनी संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नौतनवा शामिल हैं। अंबेडकर नगर के श्री शंकर जी संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोसाईंगंज व लक्ष्मी सरोज संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुर्मीडीहा रामदास पट्टी, बलरामपुर का आदर्श संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भगवतीगंज तथा श्रावस्ती का सुरभारती निगम विद्यापीठ गुरुकुल संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शामिल है। प्रत्येक को 9.40 लाख रुपये की धनराशि दी गई है। विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा उमेश चंद्र की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:UP टीचरों के लिए खुशखबरी: IIT मुंबई व गांधीनगर जाने का मौका, सरकार की क्या मंशा
ये भी पढ़ें:बिहार में टीचरों के ट्रांसफर की नई पॉलिसी अप्रैल से, 3 साल में हो सकेगा तबादला

29 हजार स्कूलों में रखे जाएंगे 60 हजार अनुदेशक

यूपी बोर्ड से संबद्ध 29 हजार से अधिक स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2026-27 से पढ़ाई का स्वरूप बदलने जा रहा है। एक अप्रैल से कक्षा 9 और 11 में व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य होगी और इसके लिए करीब 60 हजार अनुदेशकों की तैनाती की जाएगी। प्रत्येक स्कूल को कम से कम दो व्यावसायिक कोर्स शुरू करने होंगे और अपने संसाधनों से दो-दो अनुदेशक नियुक्त करने होंगे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:टीचरों को कापी गलत जांचना पड़ेगा बहुत भारी, परीक्षा नियमावली में बदलाव की तैयारी

अनुदेशकों की अर्हता बोर्ड के विशेषज्ञ तय करेंगे और इस संबंध में जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इन व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल के सहयोग से तैयार किया गया है। पाठ्यक्रमों में वर्तमान तकनीकी जरूरतों, उद्योग जगत की अपेक्षाओं और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को ध्यान में रखते हुए कौशल आधारित और व्यवहारिक विषय शामिल किए गए हैं। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य छात्रों को रोजगारोन्मुख बनाना है।

यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह के अनुसार, यह कदम विद्यालयी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। स्कूलों को अपनी भौगोलिक स्थिति के अनुसार कम से कम दो विषय चुनने होंगे, ताकि छात्रों को स्थानीय उद्योगों से जोड़ा जा सके। उदाहरण के तौर पर भदोही में कालीन उद्योग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। साथ ही, संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठानों में 10 दिन की अनिवार्य इंटर्नशिप भी कराई जाएगी।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।