बिहार में टीचरों के ट्रांसफर की नई पॉलिसी अप्रैल से, 3 साल में हो सकेगा तबादला
पहले भी शिक्षक स्थानांतरण नियमावली कैबिनेट में भेजी गई थी, लेकिन तब इसे लौटा दिया गया था। क्योंकि इसमें कई संशोधन की दरकार थी। अगस्त-सितंबर में तैयार प्रारूप में नियुक्ति की तिथि से अगले पांच साल तक दूसरे स्कूलों में तबादला नहीं करने का प्रावधान था।

बिहार में सभी कोटि के स्कूल शिक्षकों के स्थानांतरण की नई नियमावली अप्रैल से लागू होगी। शिक्षा विभाग विभिन्न कोटि के शिक्षकों के तबादले के लिए पहले से बनी नियमावली को संशोधित कर रहा है। माना जा रहा है कि मार्च में इस नियमावली को अंतिम रूप से संशोधित कर लिया जाएगा। इसके बाद राज्य कैबिनेट से मंजूरी लेकर इसे लागू किया जाएगा। नई संशोधित नियमावली के आधार पर जून में बड़े पैमाने पर शिक्षकों के तबादले होंगे।
बिहार विधानसभा चुनाव से कुछ माह पहले भी शिक्षक स्थानांतरण नियमावली कैबिनेट में भेजी गई थी, लेकिन तब इसे लौटा दिया गया था। क्योंकि इसमें कई संशोधन की दरकार थी। अगस्त-सितंबर में तैयार प्रारूप में नियुक्ति की तिथि से अगले पांच साल तक दूसरे स्कूलों में तबादला नहीं करने का प्रावधान था। शिक्षक संघों ने इसका विरोध किया था। अब इसे तीन वर्ष किये जाने की तैयारी है। नई नीति में असाध्य और गंभीर बीमारी के साथ ही विशेष परिस्थिति में तीन साल के पहले भी तबादला हो सकेगा। इसके दायरे में राज्य के लगभग छह लाख शिक्षक होंगे।
नई नीति के प्रारूप के अनुसार जिलास्तरीय शिक्षकों के तबादले के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमेटी होगी। इसमें उप विकास आयुक्त, एडीएम स्तर के एक अधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी शामिल रहेंगे। वहीं, प्रधानाध्यापक सहित प्रमंडल स्तर के शिक्षकों के तबादले के लिए प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी होगी। इसमें क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (आरडीडीई) सहित प्रमंडल स्तर के अधिकारी होंगे। इन कमेटियों की अनुशंसा के आधार पर शिक्षकों का तबादला होगा।
पेंशन और वेतन भुगतान में देरी से शिक्षकों में आक्रोश
इधर होली जैसे प्रमुख त्योहार से पहले पेंशन और वेतन भुगतान में हो रही देरी को लेकर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त और कार्यरत शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पीपीयू शिक्षक संघ (पी.पुटा) ने कहा कि पिछले दो माह से पेंशनधारियों को भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से अविलंब बकाया राशि जारी करने की मांग की है। इस संबंध में रविवार को संघ के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सेवानिवृत्त शिक्षकों की एक बैठक हुई।
बैठक में बताया गया कि जनवरी माह का पेंशन अब तक नहीं मिला है, वहीं नियमित शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। संघ का कहना है कि त्योहार के समय भुगतान में देरी से शिक्षकों और उनके परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस मुद्दे पर विवि के कुलसचिव और संबंधित अधिकारियों से बातचीत की गई, लेकिन स्पष्ट समाधान नहीं मिल सका।
संघ ने मांग की है कि पेंशन और फरवरी माह का वेतन अगले चार दिनों के भीतर जारी किया जाए, ताकि शिक्षक सम्मानपूर्वक होली मना सकें। बैठक में कई वरिष्ठ शिक्षक उपस्थित रहे और सरकार से शीघ्र सकारात्मक पहल की अपील की गई।




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