यूपी के टीचरों के लिए खुशखबरी: IIT मुंबई और गांधीनगर जाने का मौका, सरकार की क्या मंशा
यूपी के 150 टीचरों को आईआईटी मुंबई और गांधी नगर का दौरा करने के साथ ही महाराष्ट्र-गुजरात के प्रमुख स्थानों का दौरे का मौका मिल रहा है। शिक्षकों के लिए यह यात्रा पूरी तरह निशुल्क होगी। इसका खर्च केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता से वहन किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। राज्य सरकार अगले महीने प्रदेश के 150 शिक्षकों को आईआईटी गांधीनगर और आईआईटी मुंबई भेजेगी। सरकार ने टीचरों को एक्सपोजर विजिट पर भेजने जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को वैश्विक स्तर की शिक्षण पद्धतियों और तकनीकी नवाचारों से रूबरू कराना है।
हर जिले से चुने जाएंगे दो 'मास्टर' शिक्षक
सरकार की योजना के अनुसार, प्रदेश के सभी 75 जिलों से दो-दो उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इन 150 शिक्षकों के चयन की जिम्मेदारी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को सौंपी गई है, जिन्हें इस पूरी प्रक्रिया के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को चयन के मानक तय करते हुए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
आईआईटी के आंगन में सीखेंगे तकनीकी गुर
फरवरी में होने वाले इस पांच दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के दौरान शिक्षक न केवल आईआईटी मुंबई और गांधीनगर के परिसर का दौरा करेंगे, बल्कि वहां के विशेषज्ञों से नई शिक्षण पद्धतियों, शैक्षिक तकनीकों और नवाचारों (Innovation) के बारे में विस्तार से जानेंगे। इसके अलावा, शिक्षकों की टीम दोनों राज्यों (गुजरात और महाराष्ट्र) के कुछ चुनिंदा पीएमश्री विद्यालयों और अन्य उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों का भी भ्रमण करेगी।
एक्सपोजर विजिट के तीन मुख्य लक्ष्य
तकनीकी समावेश: शिक्षक वहां से लौटकर आधुनिक तकनीकों को अपने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में लागू करें।
नेटवर्किंग को बढ़ावा: विभिन्न संस्थानों के बीच परस्पर सहयोग और शिक्षकों के मध्य एक मजबूत प्रोफेशनल नेटवर्क तैयार हो सके।
प्रशासन को प्रेरणा: शिक्षक अपनी आंखों से देखे गए नवाचारों को अपने स्कूलों में धरातल पर उतारने के लिए विद्यालय प्रशासन को प्रेरित करें।
केंद्र सरकार उठाएगी खर्च
शिक्षकों के लिए यह पूरी यात्रा पूरी तरह निशुल्क होगी। इसका खर्च केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता से वहन किया जाएगा। इसमें शिक्षकों के आने-जाने का हवाई या ट्रेन किराया, स्थानीय परिवहन, होटलों में रुकने की व्यवस्था, और भोजन (लंच/डिनर) सहित सभी सुविधाएं शामिल होंगी।
सरकार की यह मंशा साफ है कि यदि शिक्षक अपडेटेड होंगे, तभी छात्र आधुनिक युग की चुनौतियों का सामना कर पाएंगे। आईआईटी जैसे संस्थानों का अनुभव पाकर ये 150 शिक्षक राज्य के शिक्षा तंत्र में 'चेंज एजेंट' के रूप में काम करेंगे।




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