यूपी पंचायत चुनाव से पहले प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज; लेखपाल सस्पेंड, 13 गिरफ्तार
बांकेगंज में आंबेडकर मूर्ति को लेकर हुए बवाल में आरोपियों की गिरफ्तारी, जांच व कार्रवाई जारी है। इस मामले में 13 और आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं। वहीं ग्राम प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं।

Lakhimpur kheri News: लखीमपुर खीरी जिले में आंबेडकर मूर्ति को लेकर हुए बवाल में आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई लगातार जारी है। मामले में 13 और आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं। वहीं ग्राम प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं। वहीं लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। यूपी पंचायत चुनाव से पहले प्रधान पर हुई इस कार्रवाई से खलबली मची है।
एएसपी ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। जांच में अगर किसी अधिकारी पुलिस कर्मी की लापरवाही सामने आएगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन पूरे प्रकरण पर नजर बनाए है। गांव में पुलिस व पीएसी तैनात है। बांकेगंज बवाल में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
मोतीपुर बांकेगंज प्रधान के प्रधान और लेखपाल पर कार्रवाई
बांकेगंज बवाल प्रकरण में यहां की प्रधान विजय लक्ष्मी के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने की है। अब यहां की प्रधान ग्राम पंचायत निधि से कोई भी काम नहीं कर पाएगी। 14 अप्रैल को मोतीपुर बांकेगंज गांव में खाली पड़ी ग्राम पंचायत की जमीन पर आंबेडर जयंती मनाई जा रही थी। तभी वहां ग्राम प्रधान पति वीरेंद्र गौतम आंबेडर प्रतिमा लेकर पहुंच गया। उसने ग्राम पंचायत की जमीन पर आंबेडर प्रतिमा की स्थापना करने की कोशिश की। गांव के ही चंदा देवी ने इसका विरोध किया। सूचना पर पुलिस पहुंची पुलिस में मूर्ति की स्थापना करने से मना कर दिया। आरोप है कि पुलिस मूर्ति छीन कर ले गई, जिसमें वह खंडित भी हो गई। इसके बाद भीड़ उग्र हुई और पुलिस पर पत्थर बाजी हुई।
सरकारी वाहन तोड़े और फूंके गए। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस प्रधान पति को मुख्य आरोपी के रूप में मान रही है। प्रधान पति मुकदमे में नामजद भी है। उसकी अभी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए हैं। अब वह ग्राम पंचायत निधि के खाते से कोई लेनदेन नहीं कर पाएगी। वहीं दूसरी ओर तहसील प्रशासन ने उस जमीन की नपाई करवाई है जहां पर कार्यक्रम हुआ था। तहसील प्रशासन के माप में खाली पड़ी जमीन ग्राम पंचायत की निकली है। उसके पीछे चंदा देवी की जमीन है। बाकी ग्राम पंचायत की जमीन पर आसपास के घर बने हुए हैं। जमीन का यह विवाद पिछले काफी समय से चौकी और तहसील में जा रहा था। लेकिन समय पर इसका निपटारा नहीं हुआ। इसी लापरवाही में मोतीपुर ग्राम पंचायत के लेखपाल को सस्पेंड कर दिया गया।
बांकेगंज हिंसा में 13 और आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
बांकेगंज हिंसा में मैलानी पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए हैं। एक मुकदमा गांव की ही चंदा देवी ने दर्ज कराया है। जिसमें 8 नामजद हैं और 200 अज्ञात हैं। दूसरा केस एसओ मैलानी ने वादी बनकर दर्ज कराया है। इसमें 74 नामजद हैं और 200 अज्ञात हैं। चंदा देवी वाले मुकदमे की विवेचना बांकेगंज चौकी इंचार्ज कर रहे हैं। दूसरे केस की विवेचना एसएसआई मैलानी कर रहे हैं। पुलिस ने घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। घटना वाली रात ही 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। उनको जेल भेजने के बाद पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी थी। बुधवार की रात पुलिस ने 13 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनको भी जेल भेज दिया है। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगी हुई है। वह आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। लगभग सभी आरोपी गांव से फरार है। ज्यादातर घरों में ताले पड़े हुए हैं। उनके मोबाइल नंबर भी बंद है। लेकिन पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज से हो रही आरोपियों की पहचान
मैलानी पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में तो जुटी ही हुई है। अज्ञात आरोपियों की पहचान भी तेजी से कराई जा रही है। पुलिस घटना के बने वीडियो खंगाल रही है। इसी आधार पर अज्ञात रुपयों की पहचान की जा रही है। मैलानी पुलिस ने दर्जनों आरोपियों की पहचान कर ली है। इसमें से कई गिरफ्तार भी कर लिया गए हैं और कई अभी बाकी है। उनकी तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।




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