अधिनियम का विरोध महिला विरोधी मानसिकता का प्रमाण: योगेंद्र उपाध्याय
Agra News - दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के धाकड़ धर्मशाला में आयोजित आक्रोश गोष्ठी में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विपक्ष की संकीर्ण मानसिकता की आलोचना की। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सशक्तिकरण का बड़ा कदम बताया। मंत्री ने विपक्षी गठबंधन को महिला विरोधी सोच के कारण विधेयक को बाधित करने का आरोप लगाया।

दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के नॉर्थ ईदगाह कॉलोनी स्थित धाकड़ धर्मशाला में आयोजित आक्रोश गोष्ठी में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। विपक्ष ने इसका विरोध कर संकीर्ण मानसिकता दिखाई है। मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने 17 अप्रैल 2026 को लोकतंत्र के लिए काला दिवस बताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन ने महिला विरोधी सोच के कारण विधेयक को बाधित किया। अटल बिहारी वाजपेयी के महिला आरक्षण के सपने को सरकार पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का विरोध आधी आबादी की भागीदारी के खिलाफ है। गोष्ठी में भाजपा महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष उपमा गुप्ता और राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य निर्मला दीक्षित ने भी विचार रखे। वक्ताओं ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। महिला पार्षदों और पदाधिकारियों ने निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान अनीता खरे, निधि शर्मा, रेनू गुप्ता, अर्चना लवानियां, राधारानी मनवानी, मिनाक्षी वर्मा, मंजू प्रजापति, पूजा वाल्मीक, सरोज शर्मा, प्रेमा वर्मा, निशा दुबे, अंजली गोयल और नगीना मौर्या मौजूद रहीं।
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