विपक्ष ने महिलाओं की सामाजिक मजबूती का विरोध किया : पंकज चौधरी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि विपक्षी पार्टियों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किया है, जिससे महिलाओं के सामाजिक उत्थान में बाधा आई है। उन्होंने सपा और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे सिर्फ वोट बैंक की चिंता करती हैं, महिलाओं के अधिकारों की नहीं। नोएडा में महिलाओं की भागीदारी की भी सराहना की गई।

नोएडा, राजेश शर्मा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने बुधवार को कहा कि विपक्षी पार्टियों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का ही नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन में आने वाले ऐतिहासिक बदलाव का विरोध किया है। उनकी सामाजिक मजबूती को डिरेल किया। सेक्टर-70 में आयोजित भाजपा की जन आक्रोश प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि सपा कांग्रेस जैसी पार्टियां परिवारवाद की अमरबेल पर फल-फूल रही हैं। इन पार्टियों ने इस बिल का विरोध कर महिलाओं को उनके हक से वंचित करने का उत्सव मनाया। उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश में महिलाएं आगे बढ़ें, सामान्य परिवार की महिलाएं भी विधायक, सांसद बन सकें, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार महिला आरक्षण संशोधन विधेयक लेकर आई।
हमारा संकल्प सशक्त नारी समृद्ध समाज, महिला आरक्षण से नए आगाज का है। पंकज चौधरी ने कहा कि सपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां मुस्लिम महिलाओं की फर्जी पैरोकार बन रही हैं। इन लोगों ने तीन तलाक कानून का विरोध किया था। सपा और कांग्रेस को सिर्फ वोट बैंक की चिंता है। इन्हें महिलाओं के मान-सम्मान और उत्थान से कोई मतलब नहीं। यही कारण है कि इन लोगों ने महिला बिल का विरोध किया। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष महेश चौहान, विधायक पंकज सिंह, प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंशी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेन्द्र सिसोदिया, प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल, प्रवक्ता अवनीश त्यागी, पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर, सुषमा सिंह, वर्षा यादव, पूनम सिंह, डिंपल आनंद आदि मौजूद रहे।नोएडा की तरक्की में महिलाओं की आधी भागीदारीभाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि नोएडा सिर्फ उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि देश का सबसे तेज प्रगति करने वाला शहर है। इस औद्यौगिक नगरी में हजारों कंपनियां, उद्योग- धंधे मौजूद हैं। राज्य की तरक्की का रास्ता इस शहर से होकर गुजरता है। ये तरक्की सिर्फ पुरुषों की बदौलत नहीं है। इस तरक्की में आधी भागीदारी महिलाओं की भी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के जिलों में खुलेआम छेड़खानी आम बात थी। बहन- बेटियां बाहर निकलने से डरती थीं। गुंडों के सामने प्रशासन नतमस्तक रहता था। भाजपा की सरकार बनने के बाद बदलाव दिखना शुरू हुआ। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से बीते नौ साल में राज्य में कामकाजी महिलाओं की संख्या 36-37 प्रतिशत हो गई है।
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