पंचायत चुनाव था अगला लक्ष्य, चाचाओं की हत्या कर चर्चा में आया था पुलिस एनकाउंटर में ढेर पवन
आगरा में एसटीएफ ने 50 हजार के इनामी शूटर पवन गुर्जर उर्फ कल्लू को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। वह रणदीप भाटी गैंग का सदस्य था और राजनीति में आने के लिए रंगदारी वसूल रहा था। उस पर अपने दो सगे चाचाओं की हत्या समेत कई गंभीर मामले दर्ज थे।

उत्तर प्रदेश के आगरा में शुक्रवार रात एसटीएफ और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में खूंखार शूटर पवन गुर्जर उर्फ कल्लू बैसला के मारे जाने के बाद क्षेत्र में दहशत का एक अध्याय समाप्त हो गया है। रणदीप भाटी और अमित कसाना गैंग के इस शार्पशूटर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच उसके शव का पोस्टमार्टम हुआ, जिसके बाद परिजन शव लेकर गाजियाबाद रवाना हो गए। करीब आठ माह पहले जेल से रिहा होने के बाद पवन ने राजनीति में कदम रखने का मन बना लिया था। वह आगामी पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। चुनाव खर्च और अपनी धाक जमाने के लिए उसने व्यापारियों और रसूखदारों से रंगदारी वसूलना शुरू कर दिया था। उसका खौफ इतना था कि गांव सिरौली में उसके खिलाफ कोई चुनाव में खड़ा होने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहा था।
लॉरेंस बिश्नोई की तर्ज पर 'रील' और 'गाना' का शौक
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, महज 28 साल का पवन पिछले एक दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। उसे लॉरेंस बिश्नोई की तर्ज पर युवाओं के बीच अपनी लोकप्रियता बनाने का सुरूर सवार था। सोशल मीडिया पर उसके नाम से एक गाना भी वायरल हुआ था, जिसके बोल थे— "सिरौली गांव का छोरा सबकी आफत आनी है, हाथ में कड़ा गले में चैन और आंखों में आग है।" इस गाने के जरिए वह युवाओं को भ्रमित कर अपने गैंग में शामिल कर रहा था।
अपराध का लंबा इतिहास: सगे चाचाओं की हत्या से हरियाणा तक पैठ
पवन गुर्जर का आपराधिक रिकॉर्ड रोंगटे खड़े कर देने वाला है। वर्ष 2021 में उसने जमीन विवाद में अपने सगे चाचा जैनेंद्र और सुरेंद्र की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इसके अलावा वह तीन अन्य हत्याओं में भी शामिल था। जेल में रहने के दौरान वह हरियाणा के कुख्यात हिमांशु भाऊ के संपर्क में आया, जिससे उसका नेटवर्क हरियाणा तक फैल गया। उसके पास से बरामद .9एमएम की पिस्टल वर्ष 2016 में ग्रेटर नोएडा में एक न्यायिक अधिकारी के पीएसओ से लूटी गई थी।
मुठभेड़ और पोस्टमार्टम
एकता थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान एक गोली पवन के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शनिवार को डॉक्टरों के पैनल ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया। शाम करीब पांच बजे पुलिस के सुरक्षा घेरे में शव गाजियाबाद के लिए रवाना हुआ। पवन के एनकाउंटर से उसके विरोधी राहत महसूस कर रहे हैं, हालांकि दहशत के चलते कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा है।




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