हॉस्टल के कमरे में मिली एमडी छात्रा की लाश, सीनियर डॉक्टर पर लगाए थे अभद्रता के आरोप
आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की एमडी छात्रा डॉ. वर्तिका सिंह की हॉस्टल के कमरे में लाश मिली है। छात्रा ने पूर्व में एक सीनियर डॉक्टर पर अभद्रता के आरोप लगाए थे, जिसकी जांच में आरोप सिद्ध नहीं हुए थे। पुलिस इसे डिप्रेशन और नींद की गोलियों के ओवरडोज से जुड़ी खुदकुशी मान रही है।

UP News: आगरा में हरीपर्वत के कैलाशपुरी मार्ग स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की एमडी प्रथम वर्ष की छात्रा डॉ. वर्तिका सिंह (28) की रविवार की रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। रविवार को दिनभर फोन नहीं उठाने पर उनकी मां ने सहपाठी को फोन किया था। शाम को साथी डॉक्टर उनके कमरे पर गए तो दरवाजा बंद मिला। आवाज देने पर नहीं खुला तो धक्का देकर खोला गया। वर्तिका पलंग पर पेट के बल अचेतावस्था में मिलीं। उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी का मान रही है।
लखनऊ निवासी वर्तिका सिंह ने 22 फरवरी को एमडी में प्रवेश लिया था। वह हॉस्टल की पहली मंजिल पर रहती थीं। दोपहर से वह अपनी मां का फोन नहीं उठा रहीं थीं। उनकी मां ने सहपाठी डॉ. सिद्धार्थ को फोन किया और बेटी के पास जाकर बात कराने के लिए कहा। डॉक्टर सिद्धार्थ शर्मा, डॉ. शिखा ठाकुर और डॉक्टर सना रब्बानी डॉक्टर वर्तिका सिंह के कमरे पर पहुंचे। कई बार दरवाजा खटखटाने पर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। यह देख सभी घबरा गए। सभी ने धक्के मारकर दरवाजा खोला।
अंदर वर्तिका सिंह अपने बेड पर मुंह उल्टा करके पेट के बल लेटी मिलीं। उन्हें हिलाया मगर कोई जवाब नहीं दिया। यह देख वार्डन को सूचित किया गया। आनन-फानन में डॉ. वर्तिका को एसएन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। तब तक देर हो चुकी थी। उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनकी मौत के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और उनके परिजनों को सूचित किया। वे लखनऊ से आ रहे हैं।
डीसीपी सिटी अली अब्बास ने बताया कि सूचना पर फोरेंसिक टीम और एसीपी को मौके पर भेजा गया। प्रथम दृष्टया यह मामला नींद की गोली की ओवरडोज का प्रतीत हो रहा है। पहले भी अवसाद में छात्रा के नींद की गोलियां खाने की जानकारी मिली है। उस समय भी इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। साथी डॉक्टरों ने पुलिस को बताया गया कि वर्तिका सिंह को साइकेट्रिक इश्यू थे और उनका इलाज भी चल रहा था। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच करेगी। परिजनों के आने का इंतजार है।
डॉक्टर पर लगाया था अभद्रता का आरोप
फरवरी में डॉ. वर्तिका ने गाजियाबाद निवासी सीनियर रेजीडेंट डॉ. सार्थक पर अभद्रता का आरोप लगाया था। दोनों फरवरी में साथ कहीं गए थे। इस मामले की शिकायत के बाद तीन डॉक्टरों की कमेटी बनाकर जांच सौंपी गई थी। जांच में आरोप साबित नहीं हुए थे। तभी से डॉ. वर्तिका सदमे में थीं। इससे पहले उन्होंने एक बार नींद की गेालियां खा ली थीं। उस समय उन्हें बचा लिया गया था।
निदेशक डॉक्टर दिनेश चंद्र राठौर ने बताया कि छात्रा नींद न आने के कारण लंबे समय से अवसाद में थी। वह नींद की अधिक गोलियां खा लिया करती थी। पहले भी एक बार ऐसा हो चुका था। रविवार शाम पांच बजे उसकी तबीयत खराब हुई तो उसे एसएन मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। रात करीब आठ बजे मौत की खबर आई। मौत का कारण अभी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है।




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