हाईवे पर नोटों की बारिश का खुला राज, थाने पहुंचे युवक ने चार लाख पर किया दावा, क्या बताया?
शामली में हाईवे पर बिखरे चार लाख रुपये का राज खुल गया है। करनाल के एक बैंक एजेंट सागर ने पुलिस के पास पहुंचकर दावा किया है कि बाइक चलाते समय बैग की चेन खुली रहने से नोट सड़क पर गिर गए थे। पुलिस फिलहाल बैंक दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है।

मेरठ-करनाल हाईवे पर बुधवार को हुई 'नोटों की बारिश' का रहस्य अब सुलझ गया है। सड़क पर बिखरी चार लाख रुपये की नकदी का दावेदार सामने आ गया है। दो युवकों ने कोतवाली पहुंचकर इस रकम पर अपना दावा पेश किया। पुलिस अब युवक के बयानों और बैंक दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है, जिसके बाद यह रकम उन्हें सौंपी जाएगी। कोतवाली पहुंचे युवक ने अपनी पहचान सागर, निवासी करनाल (हरियाणा) के रूप में दी है। सागर ने पुलिस को बताया कि वह करनाल में एक बैंक की सहयोगी कंपनी में एजेंट के रूप में काम करता है। बुधवार को उसने बैंक से चार लाख रुपये की नकदी निकाली थी, जो उसे बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) में अपने एक साथी एजेंट को देनी थी।
सागर के मुताबिक, वह बाइक पर सवार होकर करनाल से बुढ़ाना के लिए निकला था। उसने रुपयों से भरा बैग अपनी पीठ पर लटका रखा था, लेकिन जल्दबाजी में वह बैग की चेन बंद करना भूल गया। सफर के दौरान बाइक की रफ्तार और हवा के दबाव के कारण बैग से नोटों की गड्डियां एक-एक कर सड़क पर गिरती गईं। सागर अपनी धुन में बाइक चलाता रहा और उसे इस बात का अहसास तक नहीं हुआ कि उसकी मेहनत की कमाई हाईवे पर बिखर चुकी है।
पुलिस कर रही है दावों का सत्यापन
शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि युवक के दावे के बाद एक पुलिस टीम को तफ्तीश के लिए करनाल भेजा गया है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जो नोट बरामद हुए हैं, उनका मिलान बैंक से निकाली गई रकम की पर्चियों और सीरियल नंबर से हो जाए। गड्डियों पर बैंक की जो मोहर और पर्ची लगी है, वह सागर के दावों को मजबूती दे रही है। एसपी ने स्पष्ट किया कि पूर्ण सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मालखाने में जमा यह रकम असली मालिक को दी जाएगी।
ईमानदार राहगीर अमित होंगे सम्मानित
इस पूरे घटनाक्रम में मुजफ्फरनगर के खरड़ निवासी अमित कुमार की ईमानदारी की हर तरफ चर्चा हो रही है। हाईवे पर लाखों रुपये बिखरे देख भी अमित का ईमान नहीं डोला और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। उनकी इसी सतर्कता के कारण चार लाख की रकम सुरक्षित बरामद हो सकी। पुलिस विभाग ने घोषणा की है कि अमित को उनकी इस मिसाल कायम करने वाली ईमानदारी के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। रुपयों को सड़क पर देखने के बाद अमित ने ही पुलिस को फोन कर सूचना दी थी।




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