Gram pradhan demand OBC reservation for UP Panchayat elections based on the new census नई जनगणना से यूपी पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण तय हो, ग्राम प्रधानों की सरकार से डिमांड, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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नई जनगणना से यूपी पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण तय हो, ग्राम प्रधानों की सरकार से डिमांड

नई जनगणना से यूपी पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण तय हो। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन नई जनगणना के आंकड़ों से ओबीसी आरक्षण तय करने की मांग कर रहा है। जल्द वह समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग व राज्य सरकार को मांग पत्र सौंपेगा।

Thu, 28 May 2026 11:35 AMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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नई जनगणना से यूपी पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण तय हो, ग्राम प्रधानों की सरकार से डिमांड

UP Panchayat elections: यूपी में ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाए जाने के निर्णय पर जिलों व ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर सरकार का आभार जताया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन नई जनगणना के आंकड़ों से ओबीसी आरक्षण तय करने की मांग कर रहा है। जल्द वह समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग व राज्य सरकार को मांग पत्र सौंपेगा।

बुधवार को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन ने मांग की कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ओबीसी आरक्षण तय करना ठीक नहीं होगा। क्योंकि 15 वर्षों में ग्रामीण आबादी 78 प्रतिशत से घटकर 70 प्रतिशत रह गई है। आठ प्रतिशत आबादी स्थानांतरित हुई है। ऐसे में अब नई जनगणना के आंकड़ों से ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण तय किया जाए तो ठीक रहेगा।

लखनऊ के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अखिलेश सिंह व प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय हुआ है। पहली बार ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाया गया है। जिसकी लड़ाई प्रधानों ने मजबूती से लड़ी और सरकार के समक्ष तथ्यपूर्ण ढंग से अपनी बात रख यह आदेश कराया गया। मध्य प्रदेश, राजस्थान व उत्तराखंड में पहले से यह व्यवस्था लागू है। अब राज्य, जिलों व ब्लॉकों में कार्यक्रम आयोजित कर आभार जताया जाएगा। प्रधान योगी सरकार को चुनाव में रिटर्न गिफ्ट देंगे। संगठन सभी राज्यों में अपना विस्तार करेगा। देश भर के 2.50 लाख प्रधानों के लिए यूनिक वेलफेयर पॉलिसी तैयार कराएगा।

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7.32 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों का कार्यकाल हुआ खत्म

यूपी में अब सभी 57694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों ने ग्राम पंचायतों के प्रशासक का पदभार संभाल लिया। अब पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह निवर्तमान ग्राम प्रधान व सचिव ग्राम पंचायत चलाएंगे। वहीं 7.32 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो गया है। सभी छह समितियां भंग हो गई हैं। पंचायती राज विभाग की ओर से निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में रूटीन कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। वह नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। नीतिगत निर्णय का प्रस्ताव जिला पंचायती राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजा जाएगा और उनकी स्वीकृति से ही यह पास हो सकेगा। प्रशासक समिति बनाए जाने की बजाए प्रधान को ही प्रशासक बनाए जाने के चलते सभी छह समितियां भंग हो गई हैं। ऐसे शिक्षा व स्वास्थ्य समिति, स्वच्छता समिति, जल प्रबंधन समिति व निर्माण कार्य समिति के अध्यक्ष ग्राम पंचायत सदस्यों में से ही किसी को बनाया जाता है। सिर्फ प्रशासनिक व नियोजन एवं विकास समिति का अध्यक्ष ग्राम प्रधान होता है।

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