बसपा MLA उमाशंकर के ठिकानों के बाद अब खदानों तक पहुंची आयकर, ड्रोन-सैटेलाइट की मदद ली
यूपी में इकलौते बसपा विधायक उमाशंकर के ठिकानों के बाद अब खदानों तक आयकर पहुंची है। पहली बार जांच में आयकर विभाग ने ड्रोन, सैटेलाइट इमेजिंग और जियो टैगिंग की मदद ली है। लखनऊ में भी एक और जगह छापा पड़ा है।

उत्तर प्रदेश में आयकर विभाग का सर्च बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों से सोनभद्र के पठारों की पत्थर खदानों तक पहुंच चुका है। खनन विभाग के कई अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पहली बार जांच में आयकर विभाग ने ड्रोन, सैटेलाइट इमेजिंग और जियो टैगिंग की मदद ली है। लखनऊ में भी एक और जगह छापा पड़ा। साथ ही विधायक से जुड़े करीबियों के बैंक ट्रांजेक्शन की एसबीआई में पड़ताल की गई।
आयकर सूत्रों के अनुसार सोनभद्र में सपा से जुड़े एक नेता की पत्थर खदान की जांच चल रही है। ओबरा के मारकुंडी में ड्रोन कैमरों और सेटेलाइट कैमरों से जियो मैपिंग की गई। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर स्वीकृत सीमा और वास्तविक खनन का मिलान किया गया। एमएम 11 जारी रखने में अनियमितता मिली है। एसबीआई में भी ट्रांजेक्शनों की जांच की गई। बड़े लेनदेन और संदिग्ध ट्रांजेक्शन खंगाले गए। लखनऊ में सरोजनी नायडू मार्ग की भी जांच की गई। सूत्रों के अनुसार जिला खनिज विभाग से मिले पट्टों के दस्तावेज़ों का वास्तविक खनन क्षेत्र से मिलान किया जा रहा है। करीब 100 से अधिक अधिकारी अलग-अलग टीमों में बंटकर यह काम कर रहे हैं। टीम ने पत्थर की खदानों का स्थलीय निरीक्षण किया है और ड्रोन के जरिए पूरे एरिया की सैटेलाइट और जीपीएस मैपिंग की जा रही है। खदान से जुड़े तीन कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है।
खनन का रवानगी प्रपत्र बना आधार
खनन की शब्दावली में एमएम-11 यानी मैन्युअल ऑफ माइनिंग महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसे रवानगी प्रपत्र या परिवहन पास भी कहा जाता है। जब भी किसी खदान से कोई खनिज (जैसे मौरंग, बालू, पत्थर, गिट्टी आदि) खोदकर बाहर निकाला जाता है और उसे ट्रक या ट्रैक्टर के जरिए कहीं भेजा जाता है, तो उस वाहन के पास एमएम-11 होना अनिवार्य है। यह इस बात का प्रमाण है कि वाहन में लदा हुआ खनिज कानूनी रूप से निकाला गया है और उस पर सरकार को दी जाने वाली रॉयल्टी (स्वामित्व शुल्क) चुका दी गई है। बिना इस पास के खनिज का परिवहन अवैध खनन की श्रेणी में आता है। अब इसे जारी करने वाले खनन के कई अधिकारी भी जांच के दायरे में आ गए हैं। अनुमति से कहीं ज्यादा खनन मिला है।
बुधवार को विधायक के ठिकानों पर की थी छापेमारी
आपको बता दें कि बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। लखनऊ समेत तीन जिलों में स्थित उनके आवास और कार्यालयों पर छापेमारी की गई है। आयकर की टीमों ने लखनऊ के गोमती नगर विकल्पखंड स्थित उनके आवास पर छापेमारी की। रिजर्व पुलिस लाइन से आयकर के दिल्ली मुख्यालय, मुरादाबाद और लखनऊ से पहुंची टीमों ने पुलिस फोर्स के साथ सर्च किया। लखनऊ के अलावा बलिया, सोनभद्र और वाराणसी में भी उनसे संबंधित छापेमारी की कार्रवाई की है। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई विधायक की एक पुरानी फर्म छात्र शक्ति इन्फ्रा कंस्ट्रक्शन से संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद की गई है।




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