TET अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षकों में जगी नई उम्मीद, योगी सरकार को कहा-थैंक यू
सोमवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी और अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय मिश्र के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव से मुलाकात की।

UP Teachers News regarding TET : टीईटी अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षकों ने बीते शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद शिक्षकों में एक नई उम्मीद जगी है। सोमवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी और अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय मिश्र के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा से मुलाकात की। उन्होंने विभागीय टीईटी आयोजित कराकर वेटेज दिए जाने की मांग की।
शिक्षकों ने टेट प्रकरण पर प्रदेश में कार्यरत सभी शिक्षकों की सेवाएं सुरक्षित करने, जो शिक्षक एक अप्रैल 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर नियुक्त हैं उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने, अंतर्जनपदीय स्थानांतरण किए जाने और गर्मी की छुट्टियों में किए जा रहे जनगणना के काम के बदले उपार्जित अवकाश देने सहित शिक्षकों से जुड़े कई अत्यंत महत्वपूर्ण और लंबित मुद्दों पर बातचीत की। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी ने कहा कि शिक्षकों के अनुभव को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरी संवेदनशीलता से सर्वोच्च न्यायालय में शिक्षकों का पक्ष रखा। इसके लिए प्रदेश के शिक्षक सीएम योगी आदित्यनाथ के आभारी हैं।
शिक्षक पदाधिकारियों ने बताया कि अपर मुख्य सचिव ने प्राथमिक शिक्षकों के सामने आए टेट संकट पर प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप विभाग पूरी तरह से शिक्षकों के साथ है। उन्होंने ग्रीष्मकालीन अवकाश में जनगणना का काम कर रहे शिक्षकों को नियमानुसार अर्जित अवकाश दिए जाने पर आवश्यक कार्यवाही का भरोसा दिलाया।
इस दौरान माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से प्रांतीय संयुक्त महामंत्री अमित सिंह, जनपद बाराबंकी के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह, जिला संयुक्त मंत्री (गोंडा) बलवंत सिंह, गोण्डा नगर संयोजक मंजूर इलाही, राजीव सिंह लोहिया आदि पदाधिकारी शामिल रहे।
क्या है टेट अनिवार्यता का मामला
देश भर में कक्षा एक से आठवीं तक के शिक्षकों को टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना ही होगा। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इसे अनिवार्य बनाने वाला आदेश वापस लेने से मना कर दिया है। इसे लेकर दाखिल की गई पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ इतनी ही राहत दी है कि सेवा में बने रहने के लिए परीक्षा उत्तीर्ण करने की समय सीमा 31 अगस्त, 2028 तक बढ़ा दी है। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट मामले में अदालत के पहले के फैसले को चुनौती देने वाली कई राज्य सरकारों, शिक्षक संघों और व्यक्तिगत शिक्षकों द्वारा दायर 65 से अधिक पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया था। याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय के 2025 के उस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी जिसमें कहा गया था कि निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 के लागू होने से पहले नियुक्त सेवारत शिक्षकों, जिनकी सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक का समय शेष है, को एक सितंबर, 2025 से दो वर्षों के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करनी होगी।




साइन इन