2 अधिशासी अभियंताओं पर ऐक्शन, यूपीपीसीएल चेयरमैन ने ये भी आदेश दिए
यूपी के लखनऊ में अमौसी के अधिशासी अभियंता (रेड) और जानकीपुरम के अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टी दी गई है। यूपीपीसीएल चेयरमेन ने कार्रवाई के साथ अमौसी क्षेत्र के अधीक्षण और अधिशासी अभियंता को आरोप पत्र सौंपने के भी आदेश दिए हैं।

यूपी के लखनऊ में लापरवाही के आरोप में अमौसी के अधिशासी अभियंता (रेड) और जानकीपुरम के अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टी दी गई है। शक्ति भवन में हुई समीक्षा बैठक के दौरान यूपी पॉवर कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने अमौसी क्षेत्र के अधीक्षण और अधिशासी अभियंता को आरोप पत्र सौंपने के भी आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मियों की तैयारियों की हर दिन समीक्षा करें।
गर्मियों के दौरान लखनऊ की बिजली व्यवस्था बेपटरी न हो, इसके लिए समीक्षा बैठक हुई। डॉ. गोयल ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि राजधानी में किसी भी सूरत में ट्रिपिंग नहीं होनी चाहिए। मुख्य अभियंता अपने-अपने क्षेत्रो में मुस्तैद रहें। कहीं भी अव्यवस्था हुई या उपभोक्ताओं को दिक्कत हुई तो उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। नए कनेक्शन के आवेदन, 1912 पर आनें वाली शिकायतों के निपटारे और ट्रांसफॉर्मर फुकने आदि बिंदुओं पर हर दिन समीक्षा करें। इनका समयबद्ध निपटारा भी सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि ट्रांसफॉर्मर किसी भी सूरत में फुंकने नहीं चाहिए। अगर फ्यूज ठीक से लगे हों तो ट्रांसफॉर्मर नहीं फुंकेंगे। अगर इसके बाद भी ट्रांसफॉर्मर फुंकते हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी सूरत में उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत न हो। लेसा के तहत कार्यरत मुख्य अभियंताओं से तैयारियों के संबंध में डॉ. गोयल ने पूछा। मुख्य अभियंताओं ने बताया कि उनके क्षेत्र में पर्याप्त सामग्री है। कहीं कोई दिक्कत नहीं है।
डॉ. गोयल ने कहा कि मरम्मत के काम बिना सुरक्षा उपकरणों के नहीं होने चाहिए। बिजली दुर्घटना पर सख्त कार्रवाई होगी। बैठक में पावर कॉरपारेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार, मध्यांचल की एमडी रिया केजरीवाल समेत लेसा व मध्यांचल के अधिकारी उपस्थित रहे।
सस्पेंड ज्वाइंट डायरेक्टर बर्खास्त
वहीं यूपी मेें योगी सरकार ने एक और सख्त ऐक्शन लिया है। वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निलंबित संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय को बर्खास्त कर दिया गया है। यूपी लोक सेवा आयोग से सहमति के बाद उनकी बर्खास्तगी के आदेश जारी हुए हैं। शेषनाथ पांडेय को भविष्य में किसी भी सरकारी सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।शेषनाथ पांडेय पर तीन मामलों में 15 आरोप लगे थे। जांच में 15 में से 14 आरोप में उन्हें दोष सिद्ध पाया है। जांच में सामने आया कि उन्होंने वित्तीय अनियमितताएं कीं, कदाचार किया, तथ्यों को छिपाया, न्यायिक आदेशों की अनदेखी की और नियमों के विरुद्ध आदेश पारित किए। इससे कुछ लोगों को उन्होंने अनुचित लाभ दिया।




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