Accused of molesting sali in a dream he lost his promotion Air Force soldier proved innocent after 7 years साली से सपने में छेड़छाड़ के आरोप ने छीना प्रमोशन, 7 साल बाद बेकसूर साबित हुआ एयरफोर्स कर्मी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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साली से सपने में छेड़छाड़ के आरोप ने छीना प्रमोशन, 7 साल बाद बेकसूर साबित हुआ एयरफोर्स कर्मी

कानपुर में एयरफोर्स कर्मी के खिलाफ गलत तथ्यों पर ससुर ने तो रिपोर्ट दर्ज कराई ही पुलिस ने भी उसे गुंडा बताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। सपने में जीजा के छेड़ने वाले केस को आधार बनाते हुए इंस्पेक्टर ने उसके गुंडा एक्ट पर मुहर लगा दी। हालांकि एडीएम सिटी की कोर्ट से एयरफोर्स कर्मी को राहत मिली।

Wed, 11 March 2026 10:09 AMPawan Kumar Sharma प्रमुख संवाददाता, कानपुर
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साली से सपने में छेड़छाड़ के आरोप ने छीना प्रमोशन, 7 साल बाद बेकसूर साबित हुआ एयरफोर्स कर्मी

यूपी के कानपुर में एयरफोर्स कर्मी के खिलाफ गलत तथ्यों पर ससुर ने तो रिपोर्ट दर्ज कराई ही पुलिस ने भी उसे गुंडा बताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। सपने में जीजा के छेड़ने वाले केस को आधार बनाते हुए नौबस्ता थाना इंस्पेक्टर आशीष कुमार शुक्ला ने उसके गुंडा एक्ट पर मुहर लगा दी। हालांकि एडीएम सिटी की कोर्ट से एयरफोर्स कर्मी को राहत मिली। इसके बाद भ्रूण हत्या का केस भी दर्ज कराया गया जिसमें आरोप सही न मिलने पर अंतिम रिपोर्ट लगाई गई। सात वर्षों में एयरफोर्स कर्मी का सुकून और प्रमोशन सपने में छेड़छाड़ की भेंट चढ़ गया।

बिठूर के रहने वाले एयरफोर्स कर्मी ने बताया कि साल 2015 में ही उन्हें नौकरी मिली गई थी। नौकरी के दौरान वह देश भर के कई हिस्सों में तैनात रहे। 10 फरवरी 2019 को शादी हुई जिसके बाद पहला केस नौबस्ता थाने में साली से छेड़छाड़ का दर्ज किया गया था। इस मामले में उन्हें 19 दिन जेल में रहना पड़ा। हालांकि कोर्ट ने सपने में छेड़छाड़ के आरोप को सही नहीं माना और एयरफोर्स कर्मी को बरी कर दिया। एयरफोर्स कर्मी ने बताया कि इसी दौरान 10 फरवरी 2020 को उनके खिलाफ नौबस्ता पुलिस ने गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की।

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पुलिस ने लिखा आरोपी अपराधों को करने का अभ्यस्थ अपराधी है। उसके विरुद्ध दुस्साहसिक आपराधिक कृत्यों से जनसामान्य भयभीत हैं। एयरफोर्स कर्मी ने बताया उस दौरान वह पुणे एयरफोर्स में तैनात थे। पुलिस की इस कार्रवाई से सामाजिक क्षति हुई जिससे उन्हें खांडेपुर का मकान औने पौने दाम पर बेचना पड़ा था। कार्रवाई को एयरफोर्स कर्मी ने एडीएम सिटी की कोर्ट में चुनौती दी। महज एक मुकदमे के आधार पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई को तत्कालीन एडीएम सिटी अतुल कुमार की कोर्ट ने गलत पाया और खारिज कर दिया।

भ्रूण हत्या के केस में लगी अंतिम रिपोर्ट

एयरफोर्स कर्मी ने बताया पत्नी ने उनके खिलाफ बिधनू थाने में 27 अगस्त 2020 को अपने ही बच्चे की हत्या का आरोप लगा केस दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप गलत पाते हुए अंतिम रिपोर्ट लगाकर मामला बंद कर दिया।

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कारपोरल नहीं बन सका एयरफोर्स कर्मी

एयरफोर्स कर्मी ने बताया कि वर्ष 2015 में उनकी ज्वाइनिंग लीडिंग एयरक्राफ्ट मैन के पद पर हुई थी। वर्ष 2020 में उन्हें कारपोरल के पद पर प्रमोशन मिलना था लेकिन जेल जाने के कारण प्रमोशन रोक दिया गया। सात साल बाद कोर्ट से बेकसूर साबित होने के बाद अब उन्हें कारपोरल के पद पर प्रमोशन मिलेगा। वर्ष 2028 में सार्जेंट के पद पर प्रमोशन मिलना है। मुकदमे के कारण वह अपने साथ काम करने वाले साथियों से पद और प्रमोशन में कई साल पीछे रह गए।

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