जीजू ने छेड़ा कहकर मचाया शोर, कोर्ट में बोली साली- सपना था; 7 साल बाद एयरफोर्स कर्मी बरी
नाबालिग साली से छेड़छाड़ का मुकदमा झेल रहे एयरफोर्स कर्मी को सात साल बाद बरी कर दिया । वह भी उसी साली के बयान पर, जिसने जीजा पर सोते समय दबोचने, छेड़छाड़ करने और अस्मिता का हरण करने का आरोप लगाया था। साली ने बयान दिया कि जीजू ने सच में नहीं सपने में छेड़ा था।

नाबालिग साली से छेड़छाड़ का मुकदमा झेल रहे एयरफोर्स कर्मी को सात साल बाद शनिवार को विशेष न्यायाधीश ने बरी कर दिया है। वह भी उसी साली के बयान पर, जिसने जीजा पर सोते समय दबोचने, छेड़छाड़ करने और अस्मिता का हरण करने का आरोप लगाया था। साली ने कोर्ट में बयान दिया कि जीजू ने सच में नहीं सपने में छेड़ा था। उसे भ्रम हो गया था और पिता ने नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। हालांकि पहले दिए गए बयान के चलते एयरफोर्स कर्मी को 19 दिन तक जेल में रहना पड़ा था।
बिठूर के रहने वाले एयरफोर्स कर्मी की शादी 10 फरवरी 2019 को बिधनू की युवती से हुआ था। 13 फरवरी को एयरफोर्स कर्मी चौथी में पत्नी को लेने ससुराल गया तो 15 वर्षीय साली भी साथ आ गई। दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक 8 मार्च की रात 9 बजे किशोरी जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उसकी बड़ी बहन कमरे में पहुंची तो किशोरी ने आरोप लगाया कि जीजा ने छेड़छाड़ की। इस पर बड़ी बहन ने पुलिस को बुलाया।
कोर्ट में बोली पीड़िता- समने में हुई थी छेड़छाड़
आरोप है कि एयरफोर्स कर्मी पिता के साथ फरार हो गया। इस घटना की रिपोर्ट पिता की तहरीर पर नौबस्ता थाने में करीब पांच महीने बाद दर्ज की गई थी। मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिया-उससे छेड़छाड़ सपने में हुई थी। पीड़िता के पिता और बड़ी बहन ने भी भ्रमवश मुकदमा दर्ज कराने की बात कोर्ट में स्वीकार की। इसके बाद न्यायालय ने एयरफोर्स कर्मी को बरी कर दिया। वह वर्तमान में पुणे में कारपोरल पद पर तैनात हैं।
सपने में महसूस हुआ कि जीजू ने पकड़ लिया
कोर्ट में पीड़िता ने दिसंबर 2021 में बयान दर्ज कराए थे। उसने कहा था कि ‘उस दिन रात के नौ बजे थे। मैं एंटीबायोटिक दवा लेकर सो रही थी। सपने में ऐसा महसूस हुआ कि जीजू ने मुझे पकड़ लिया है...। मैंने फिर शोर मचा दिया। मेरी दीदी आ गई और मैं अस्पताल चली गई। यह सपना था, सच में ऐसा नहीं था। वहीं, एयरफोर्स कर्मी के अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की कोर्ट में 13 नवंबर 2019 को एयरफोर्स कर्मी पर आरोप तय किए गए। ये आरोप चार बिंदुओं पर तय हुए थे। पहला पीड़िता के साथ मारपीट करने, दूसरा उसे बदनाम करने, तीसरा उसके साथ छेड़छाड़ करने और चौथा पीड़िता के साथ लैंगिक हमला करने का था।




साइन इन