अखिलेश की मां पर विवादित टिप्पणी का आरोप लगा मेयर दफ्तर पहुंचे सपाई, नेम प्लेट को चप्पल से पीटा
लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मां के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को सपाइयों ने उनके कैंप कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की। सपा कार्यकर्ताओं ने मेयर की नेम प्लेट को चप्पल से पीटा और कालिख पोतने की कोशिश की।

UP Politics : यूपी की राजधानी लखनऊ में सियासी तनाव उस समय बढ़ गया जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने महापौर सुषमा खर्कवाल के कैंप कार्यालय पर जाकर उनकी नेम प्लेट को चप्पलों से पीटा। सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि महापौर ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई।
गुस्साए सपा कार्यकर्ता सीधे महापौर के कैंप कार्यालय आवास पहुंच गए और वहां मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी उग्र हो गया। कार्यकर्ताओं ने महापौर के खिलाफ जमकर विरोध जताया और उनके बयान को अपमानजनक बताया।
नेम प्लेट पर कालिख पोतने की कोशिश
प्रदर्शन के दौरान मेरठ के सपा नेता गौरव चौधरी ने महापौर की नेम प्लेट को कालिख से पोतने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, पेन से नेम प्लेट पर क्रॉस का निशान बनाया गया और बाद में उसे चप्पलों से पीटा गया। इस घटना ने पूरे मामले को और गरमा दिया।
कर्मचारी निकले, प्रदर्शनकारी भागे
घटना की सूचना मिलते ही महापौर के कैंप कार्यालय के कर्मचारी बाहर निकले, लेकिन तब तक प्रदर्शनकारी मौके से फरार हो चुके थे। इसके बाद पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई, जो तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
महापौर ने एफआईआर दर्ज कराने से किया इनकार
इस पूरे मामले में पुलिस ने महापौर से एफआईआर दर्ज कराने की बात कही, लेकिन सुषमा खर्कवाल ने फिलहाल कोई शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में आगे की कार्रवाई का निर्णय पार्टी स्तर पर लिया जाएगा।
मेयर की सफाई-मैंने नहीं कही कोई विवादित बात
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की दिवंगत मां पर अपनी टिप्प्णी को लेकर छिड़े विवाद पर लखनऊ नगर निगम की मेयर सुषमा खर्कवाल ने मीडिया को प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अखिलेश यादव की मां के खिलाफ कुछ भी विवादित नहीं कहा था। उन्होंने कहा, ‘मैंने जो कहा था, वह यह था कि हमारी आधी आबादी महिलाओं की है, लेकिन अखिलेश यादव और राहुल गांधी जिनकी अपनी मां, बहन और बेटी हैं- ने महिलाओं का अपमान किया है। यह देश हमारी मां है। मेयर ने कहा कि मैं अखिलेश जी से पूछना चाहती हूं कि मैंने अपने भाषण में उनकी मां का जिक्र कहां किया? मैंने तो यह कहा था कि उन्होंने मां, बेटी और बहन के रिश्ते का अपमान किया है।’
अखिलेश यादव ने किया था ये दावा
इससे पहले 21 अप्रैल (दिन मंगलवार) को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर आरोप लगाया था कि सुषमा खर्कवाल ने उनकी मां पर विवादित टिप्प्णी की है। अखिलेश यादव ने लिखा था- ‘आप कृपया अपनी राजनीतिक मजबूरीवश मेरी दिवंगत मां का नाम लेकर एक महिला के रूप में एक अन्य महिला का अपमान न करें। नारी के सम्मान में आपसे बस इतना आग्रह है।
यदि आपके घर में कोई बड़े-बुजुर्ग हों या बच्चे तो उनसे पूछ लीजिए कि आपका ये अति निंदनीय द्वेषपूर्ण बयान उचित है या नहीं। बाकी आप स्वयं एक महिला हैं। महिला ही जब महिला का अपमान करेगी तो कौन आपको नैतिक रूप से सही कहेगा।
भारतीय समाज में कभी भी, किसी की भी मां का अपमान स्वीकार्य नहीं है। आपका राजनीतिक भविष्य उज्ज्वल होता अगर आप उसे नैतिक मानकों पर इतना नीचे न ले जातीं, आज आपके समर्थक भी शर्मिंदा हैं। जिनको प्रभावित करने के लिए आप अपना स्तर गिरा रही हैं, वो किसी के भी सगे नहीं हैं। आप अपना स्तर बनाए रखें और संतुलन भी।
मैं आपसे किसी क्षमा की भी अपेक्षा नहीं रखता हूं और न ही ऐसा कहने के बाद क्षमा के कोई मायने रह जाते हैं। आपका अकेले में बैठकर जो पछतावा होगा, हमारे लिए इतना ही बहुत है।’
भाजपा ने कल निकाला था मार्च
बता दें कि महिला आरक्षण बिल संसद में पारित न होने देने के लिए विपक्ष को कोसते हुए भाजपा ने कल लखनऊ में जनाक्रोश मार्च किया था। इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव मौर्य और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी शामिल हुए थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे थे।




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