गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के चार दिन बाद हादसा, नीलगाय से टकराकर दो कारें क्षतिग्रस्त, प्रॉपर्टी डीलर समेत तीन घायल
यूपी के अमरोहा में गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के चार दिन बाद हादसा हो गया। नील गाय से टकरा दो कार आपस में टकरा गईं, जिससे नोएडा के प्रॉपर्टी डीलर समेत तीन लोग घायल हो गए।

Amroha News: गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के अभी चार दिन ही बीते थे कि शनिवार रात भीषण सड़क हादसा हो गया। एक्सप्रेसवे पर अचानक नीलगाय आने से दो कारें दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। हादसे में नोएडा के प्रॉपर्टी डीलर और उनके भतीजे समेत तीन लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और पुख्ता इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गाजियाबाद के संजय नगर निवासी राहुल कुमार अपनी कार द्वारा लखनऊ से गंगा एक्सप्रेसवे से होकर घर लौट रहे थे।
शनिवार रात गंगा पुल से 500 मीटर पहले अचानक एक्सप्रेसवे पर नीलगाय आ गई। तेज गति होने के चलते राहुल की कार नीलगाय से टकरा कई। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और नीलगाय की भी मौके पर मौत हो गई। राहुल भी मामूली रूप से घायल हो गए। इसी बीच प्रयागराज से नोएडा लौट रहे प्रॉपर्टी डीलर विनय गुप्ता और उनके भतीजे आयुष गुप्ता की होंडा सिटी कार बीच एक्सप्रेसवे पर पड़े नीलगाय के शव से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर हवा में उछल कर पलट गई। विनय व आयुष गंभीर घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची यूपी 122 व कोतवाली पुलिस ने घायलों को 108 एंबुलेंस से नगर के सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद चाचा-भतीजे को हॉयर सेंटर रेफर कर दिया गया। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि घायलों की हालत खतरे से बाहर है। काफी देर की मशक्कत के बाद निजी क्रेन बुलाकर क्षतिग्रस्त वाहनों व नीलगाय के शव को मौके से हटाया गया। इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।
निजी संसाधनों से बहाल हुआ यातायात
हादसे के दौरान यूपीडा की एंबुलेंस और क्रेन सेवा भी मौके पर नजर नहीं आई। पुलिस ने निजी क्रेन मंगवाकर काफी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों और मृत पशु को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया। यूपीडा के अधिकारियों का दावा है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं, लेकिन उद्घाटन के चौथे दिन ही हुए इस हादसे ने मुसाफिरों की चिंता बढ़ा दी है।
दुर्घटनास्थल पर प्रकाश व्यवस्था थी न फेसिंग
गंगा एक्सप्रेसवे पर हादसे को लेकर पुलिस की जांच में सामने आया है कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां प्रकाश व्यवस्था नहीं थी। जिसकी वजह से पहली कार के चालक को न सड़क पार कर रही नीलगाय दिखाई दी और न होंडा सिटी के चालक को एक्सप्रेसवे पर पड़ा नीलगाय का शव। जिसके चलते दोनों हादसे हुए। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि दुर्घटनास्थल के नजदीक फेसिंग भी नहीं थी, जिसके चलते नीलगाय गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंची। हालांकि, यूपीडा के अधिकारियों का कहना है कि पूरे एक्सप्रेसवे पर फेसिंग लगी हुई है। उनका मानना है कि छलांग लगाकर नीलगाय ने फेसिंग को पार किया।
एयरबेग खुलने से बची चाचा-भतीजे की जान
पुलिस के मुताबिक हादसे में होंडा सिटी का एयरबेग खुल गए। जिसके चलते विनय व आयुष को गंभीर चोट नहीं लगी। हादसे की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंची यूपी 112 व कोतवाली पुलिस ने एंबुलेंस ने घायल चाचा-भतीजे को आनन-फानन में सीएचसी में भर्ती कराया, जिससे उन्हें समय पर उपचार मिल सका। उधर, पुलिस के मुताबिक दूसरी कार कार चालक राहुल कुमार को ज्यादा चोट नहीं लगी थी। हादसे के कुछ देर बाद वह गंतव्य को रवाना हो गया।
हादसों के दौरान खरा नहीं उतरा सुरक्षा का दावा
एक्सप्रेसवे पर पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम व क्रेन व एंबुलेंस आदि तैनात का दावा शनिवार रात हुए हादसों के दौरान खरा नहीं उतर सका। पुलिस का कहना है कि यूपी 108 एंबुलेंस बुलाकर घायलों को सीएचसी भिजवाया गया। साथ ही मौके पर पड़े नीलगाय के शव व क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए निजी क्रेन बुलानी पड़ी। हालांकि, यूपीडा के अफसर दावा कर रहे हैं कि हर टोल बूथ पर एंबुलेंस व क्रेन खड़ी की गई हैं। सूत्रों के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा सभी व्यवस्था अभी पूरी तरह दुरुस्त नहीं है, जिसके चलते दिक्कत आ रही है।




साइन इन