योगी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज लेकिन बदलाव नहीं चाहती मंत्रियों की एक लॉबी, क्या है इसकी वजह?
भाजपा नेतृत्व के दूत के रूप में राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े बीते दिनों में दो बार यहां आ चुके हैं। 20 अप्रैल का उनका दौरा तो बेहद गोपनीय रहा। इसमें उन्होंने सीएम योगी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह से मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा की थी। पार्टी सूत्रों की मानें तो तावड़े ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

योगी मंत्रिमंडल विस्तार की तेज होती चर्चाओं के बीच सरकार में एक वर्ग ऐसा भी है, जो कोई बड़ा बदलाव नहीं चाहता। यह लॉबी पार्टी के कई उम्रदराज मंत्रियों की है। उन्हें डर है कि कहीं ‘नवीन’ भाजपा में पारी बरकरार रखने में उनकी उम्र आड़े न आ जाए। ऐसे में वे केंद्रीय दूत से लेकर पार्टी नेतृत्व तक यह संदेश भिजवाने में जुटे हैं कि विधानसभा चुनाव में ज्यादा समय नहीं है। ऐसे में कोई बड़ा बदलाव नुकसान कर सकता है। इस लॉबी के साथ ही कुछ मंत्री ऐसे भी हैं, जो मना रहे हैं कि विभागों में भी बदलाव न हो।
भाजपा नेतृत्व के दूत के रूप में पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े बीते दिनों में दो बार यहां आ चुके हैं। 20 अप्रैल का उनका दौरा तो बेहद गोपनीय रहा। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह से मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा की थी। पार्टी सूत्रों की मानें तो तावड़े ने नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। बंगाल चुनाव में व्यस्तता के चलते इसमें थोड़ा वक्त लग रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 और 29 अप्रैल को वाराणसी और हरदोई में रहने वाले हैं। पार्टी और सरकार फिलहाल इसी में व्यस्त है।
मंत्रिमंडल विस्तार टलवाने में लगी है भाजपा की ये लॉबी
उधर, भाजपा की एक लॉबी यही मना रही है कि मंत्रिमंडल विस्तार का मामला टलता रहे। पार्टी सूत्रों की मानें तो बीते दिनों भाजपा के महामंत्री विनोद तावड़े को भी कई वरिष्ठ मंत्रियों ने कुछ ऐसा ही समझाने का प्रयास किया था। दरअसल इन मंत्रियों को डर सता रहा है कि यदि कहीं बीच में उन्हें हटाया गया तो उनके टिकट पर भी संकट हो सकता है। एक मंत्री तो काफी समय से बीमार हैं। मगर बदलाव की सुगबुगाहट के बीच उन्होंने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। वहीं कई मंत्रियों की कार्यशैली से नेतृत्व तो कुछ से मुख्यमंत्री खुश नहीं हैं। यह लोग यही मना रहे हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार का मामला खाली चल रहे आधा दर्जन मंत्री पदों को भरने तक ही सीमित रहे।
मंत्री पद के दावेदार लगा रहे पूरा जोर
भाजपा में जहां एक ओर विस्तार टलवाने की कवायद हो रही है तो दूसरी तरफ तमाम लोग जल्द से जल्द विस्तार चाहते हैं। इसमें बड़ी संख्या उन लोगों की है जो टीम योगी का हिस्सा बनना चाहते हैं। यह लाॅबी भी लखनऊ से लेकर दिल्ली तक जोर आजमाइश में जुटी है। यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें पिछले काफी समय से चल रही हैं। हालांकि अभी तक ये मूर्त रूप नहीं ले पाईं हैं। अब जबकि यूपी में विधान सभा चुनाव में एक वर्ष से भी कम का समय बचा है तो ये माना जा रहा है कि इस बार विस्तार अवश्य होगा।




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