घर में लड़ते हुए घुसे दो सांड, बुजुर्ग महिला के मुंह में सींग घुसेड़ मार डाला
उन्नाव में सांड ने घर में घुसकर एक वृद्धा की जान ले ली। घटना के वक्त वह घर में अकेली थी। बताया जा रहा है कि घर के बाहर दो सांड लड़ रहे थे। लड़ते-लड़ते एक सांड घर में घुस गया और वृद्धा को सींग मार दी। सींग वृद्धा के मुंह में घुस गई।

UP News: यूपी के उन्नाव से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां माखी थाना क्षेत्र के लगलेश्वरपुर गांव में सांड ने घर में घुसकर एक वृद्धा की जान ले ली। घटना के वक्त वह घर में अकेली थी। बताया जा रहा है कि घर के बाहर दो सांड लड़ रहे थे। लड़ते-लड़ते एक सांड़ घर में घुस गया और वृद्धा को सींग मार दी। सींग वृद्धा के मुंह में घुस गई। इससे वृद्धा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक 70 वर्षीय राम कुमारी का घर खेत किनारे बना है। गुरुवार सुबह वह घर में खाना बना रही थी। इसी दौरान लड़ रहे दो सांड में से एक उनके घर में घुस गया। यह देख राम कुमारी ने भगाने की कोशिश की, तभी एक सांड ने उनपर हमला कर दिया। सांड की सींग उनके मुंह में घुसने से घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। ग्रामीणों ने देखा तो सांड को भगाने के बाद लहूलुहान हालत में उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की। मगर तब तक वृद्धा ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद हड़कंप मच गया।
बता दें कि वृद्धा के पति रजऊ की वर्ष 2018 में बीमारी से मौत हो गई थी। उनके कोई बेटा नहीं है। शादीशुदा बेटी दयावती अपने परिवार के साथ मां की देखभाल के लिए मायके में रहने लगी थी। घटना के समय बेटी कोटेदार के यहां राशन लेने के लिए गई थी। घर लौटने पर मां को मृत देख चीख पड़ी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल और पूछताछ के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया
दो साल में तीसरी मौत
गुरुवार को हुए हादसे से पहले भी सांड के हमले से जानें जा चुकी हैं। जून 2025 में लोक नगर निवासी सुशील बाजपेयी अपने भतीजे के साथ बाइक से जा रहे थे, तभी ईदगाह रोड पर आवारा सांड ने उन पर हमला कर दिया। सांड़ ने सुशील को पटक-पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। भतीजा भी घायल हुआ। घटना सीसीटीवी में कैद हुई थी। वहीं, सफीपुर क्षेत्र में अक्तूबर 2025 में नूरुल्ला नगर निवासी किसान ज्ञान सिंह पर आवारा सांड़ ने हमला कर दिया। इलाज के बाद वह घर लौटे, लेकिन अगले दिन उनकी मौत हो गई थी।
कागजों में संरक्षण, सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे सांड
पशुपालन विभाग के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगा है। विभाग कहता है कि उन्नाव की 304 गोशालाओं में 10,533 सांड संरक्षित हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि शहर से लेकर गांव तक की सड़कों पर आवारा सांड खुलेआम घूम रहे हैं। आएदिन ये सांड राहगीरों, बुजुर्गों, महिलाओं और बाइक सवारों पर हमला कर रहे हैं। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, जबकि कई की जान जा चुकी है।




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