यूपी के इस जिले में योगी सरकार के एंटी करप्शन रडार पर कई अधिकारी-कर्मचारी, ऐक्शन की तैयारी
Anti-Corruption : अलीगढ़ मंडल के चारों जिलों में भ्रष्टाचार, रिश्वत मांगने संबंधी शिकायतों पर सुनवाई होती है। एंटी करप्शन की ओर से अब तक 19 कुल सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। टीम ंपत्ति की जांच के लिए पत्र लिखती है। शासन के अनुमोदन के बाद संपत्ति की जांच शुरू होती है।

Anti-Corruption : भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टोलरेंस नीति के तहत अब इसमें लिप्त अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ ऐक्शन की तैयारी है। अलीगढ़ मंडल में बीते सालों में सरकारी विभागों में रिश्वत लेने के मामले लगातार सामने आए हैं। ऐसे सात सरकारी अधिकारी-कर्मचारी एंटी करप्शन थाना (भ्रष्टाचार निवारण इकाई) पुलिस की रडार पर हैं, जिनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच चल रही है। इनमें तीन पुलिसकर्मी शामिल हैं। एक के खिलाफ जांच पूरी भी हो चुकी हैं, जिसमें मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है।
21 नवंबर 2022 को छेरत पुलिस लाइन में एंटी करप्शन थाना बनाया गया था। यहां अलीगढ़ मंडल के चारों जिलों में भ्रष्टाचार, रिश्वत मांगने संबंधी शिकायतों पर सुनवाई होती है। एंटी करप्शन की ओर से अब तक 19 कुल सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद टीम की ओर से संपत्ति की जांच के लिए पत्र लिखा जाता है। शासन के अनुमोदन के बाद संपत्ति की जांच शुरू होती है। इनके अलावा कुछ मामलों में शासन के निर्देश पर सीधे जांच करवाई जाती है। ऐसे में दोनों मिलाकर अब तक कुल सात ऐसे सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति की जांच की जा रही है, जिन पर आय से अधिक संपत्ति का संदेह है। एंटी करप्शन टीम ने गोपनीय तरीके से इनकी संपत्ति का ब्योरा एकत्रित कर लिया है। एक दरोगा के खिलाफ जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
कोई रिश्वत मांगे तो यहां करें शिकायत
इंस्पेक्टर ने लोगों से अपील की है कि प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त कराए जाने के एवज में यदि कोई अधिकारी-कर्मचारी सुविधा शुल्क, रिश्वत, धनराशि, पारिश्रमिक की मांग करता है तो तत्काल एंटी करप्शन थाना को सूचना दें। इसके लिए 9454402484, 9454402485 व ई-मेल aco-aligarh.al@up.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायतकर्ता का नाम पूर्ण रूप से गोपनीय रखा जाएगा।
क्या बोले अधिकारी
एंटी करप्शन थाने के इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह ने कहा कि शासन के अनुमोदन के बाद अलीगढ़ मंडल में अलग-अलग सरकारी विभागों में तैनात सात कर्मचारियों की संपत्ति की जांच की जा रही है। इनमें अधिकतर वो कर्मचारी हैं, जिन्हें पूर्व में रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। एक के संबंध में सीधे शासन से आदेश आए थे। एक दरोगा के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। दोषी पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है।




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