राजस्थान के अलवर में ये कैसा नियम आ गया! दिन में 4 घंटें बंद रहेंगी ट्रैफिक लाइटें, आखिर क्यों?
सोचिए आप कार या बाइक पर सवार होकर घर से निकलते हैं और आपको एक भी ट्रैफिक लाइट जलती हुई नहीं मिलती है। सारी ट्रैफिक लाइट बंद। आप बस दनदनाते हुए चले जा रहे हैं। कहीं रुकना नहीं, बस सीधे चलते ही जाना। है न कमाल की बात। राजस्थान के अलवर में कुछ ऐसा ही नियम आया है।

सोचिए आप कार या बाइक पर सवार होकर घर से निकलते हैं और आपको एक भी ट्रैफिक लाइट जलती हुई नहीं मिलती है। सारी ट्रैफिक लाइट बंद। आप बस दनदनाते हुए चले जा रहे हैं। कहीं रुकना नहीं, बस सीधे चलते ही जाना। है न कमाल की बात। राजस्थान के अलवर में कुछ ऐसा ही नियम आया है। यहां दिन के 4 घंटे ट्रैफिक सिग्नल की लाइटें बंद रहेंगी। आप भी सोच रहे होगे कि आखिर क्यों? तो चलिए हम आपको समझाते हैं पूरी बात।
आखिर क्यों बंद रहेंगी ट्रैफिक लाइटें?
इसके पीछे की मुख्य वजह है- राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी और चल रही भट्टी जैसी तपती हवा यानी लू। अब समझिए इसका ट्रैफिक लाइट के बंद करने से क्या संबंध। सबसे पहले नियम समझ लीजिए, क्या आया है। इसके बाद आप अपने आप पूरा मामला समझ जाएंगे। दरअसल राजस्थान की भीषण गर्मी और लू को देखते हुए अलवर यातायात पुलिस ने ये कदम उठाया है।
प्रशासन ने आमजन और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को राहत देने के लिए प्रमुख चौराहों पर दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक ट्रैफिक सिग्नल बंद रखने का फैसला लिया है।यातायात पुलिस के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि अलवर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ये निर्णय लिया गया है। इससे तेज धूप में लोगों को रेड लाइट पर रुकना न पड़े और गर्मी से राहत मिल सके।
यातायात पुलिस ने कहा कि दोपहर में सड़क पर तापमान बेहद अधिक हो जाता है, ऐसे में वाहन चालकों, बुजुर्गों, बच्चों और दुपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की गयी है।
सिग्नल पर लगाए जाएंगे टेंट
पुलिस के अनुसार शहर के छह प्रमुख ट्रैफिक सिग्नलों पर हरे जाल (टेंट) लगाये जाएंगे, जिससे चौराहों पर खड़े लोगों और ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तेज धूप से राहत मिल सके। गर्म हवाओं और लू के बीच यह कदम राहत देने वाला माना जा रहा है। इतनी जानकारी से आप समझ गए होंगे कि आखिर ये फैसला क्यों लिया गया है। तो आगे कुछ अतिरिक्त जानकारी भी लेते जाइए।
पुलिसकर्मियों को दिया जाएगा ग्लूकोज
भीषण गर्मी में लगातार सड़क पर ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से ग्लूकोज उपलब्ध कराया गया है। इस बार करीब 500 ग्लूकोज के डिब्बे ट्रैफिक पुलिस को मिले हैं। इसके अलावा शहर के सामाजिक संगठनों और आमजन की ओर से भी जलजीरा, ठंडे पेय पदार्थ और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
वाहन चालकों ने फैसले का किया स्वागत
दोपहर के समय ट्रैफिक सिग्नल बंद रखने के फैसले का वाहन चालकों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि तेज धूप में कई मिनट तक रेड लाइट पर खड़े रहना बेहद मुश्किल होता है, ऐसे में यह व्यवस्था बड़ी राहत देगी। वहीं हरे जाल लगाए जाने से भी चौराहों पर गर्मी का असर कुछ कम होगा।




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