राजस्थान को मिली केंद्र से सौगात, 470 करोड़ की लागत से होगा इस लाइन का दोहरीकरण; इन्हें होगा फायदा
देश में रेल नेटवर्क और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के लिए रेल विभाग ने राजस्थान में रींगस-सीकर रेलखंड के दोहरीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से यात्री और माल ढुलाई दोनों सेवाओं में सुधार होगा। साथ ही खाटू श्यामजी और सालासर बालाजी तक पहुंचना और भी आसान हो जाएगा।

केंद्र सरकार ने राजस्थान सरकार को एक बड़ी सौगात देते हुए 'रींगस-सीकर' रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। करीब 50.06 किलोमीटर लंबे इस सेक्शन के दोहरीकरण में लगभग 470.34 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर खुशी जताते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया, साथ ही कहा कि इस लाइन के दोहरीकरण से'खाटू श्यामजी' और 'सालासर बालाजी' जैसे धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही अतिरिक्त ट्रेनों को चलाने और माल ढुलाई में बढ़ोतरी होने के साथ ही क्षेत्रीय विकास भी होगा।
5 अतिरिक्त ट्रेनों को चलाने में मदद मिलेगी
इस बारे में PIB की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि रींगस-सीकर लाइन के दोहरीकरण से क्षेत्रीय मार्ग की क्षमता में काफी सुधार होगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस नए विस्तार से इस मार्ग पर दोनों दिशाओं में प्रतिदिन 5 अतिरिक्त ट्रेनों के परिचालन में मदद मिलेगी, साथ ही माल ढुलाई में 2.36 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की वृद्धि होगी।
सीकर व चुरू जाना होगा और भी आसान
विभाग की तरफ से बताया गया कि इस परियोजना की वजह से यात्री और माल ढुलाई दोनों सेवाओं में सुधार होगा। इससे परिचालन दक्षता में बढ़ोतरी होने के साथ ही राजस्थान के औद्योगिक और तीर्थ क्षेत्रों तक संपर्क सुविधा बढ़ेगी, जिसमें खाटू श्यामजी (सीकर) और सालासर बालाजी (चूरू) जैसे स्थलों तक पहुंचना और भी सुगम हो जाएगा।
अबतक हो रहा सिर्फ 77% क्षमता का उपयोग
रेल मंत्रालय ने बताया कि दोहरीकरण से पहले तक अभी इस रेलखंड की केवल 77 प्रतिशत क्षमता का ही उपयोग हो रहा है, जिसके 2029-30 तक बढ़कर 210 प्रतिशत होने की संभावना है। दोहरीकरण से यह रेलखंड भविष्य में यातायात बढ़ोतरी को सुचारू तौर पर संभाल सकेगा। स्थानीय यात्री और व्यवसाय भी इस रेलखंड दोहरीकरण से लाभान्वित होंगे। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद विलंब में कमी और समय पर रेल सेवा तथा माल ढुलाई में सुधार होगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
सीएम ने रेलमंत्री का जताया आभार
रेल मंत्रालय के लिए इस फैसले पर खुशी जताते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के परिवर्तनकारी नेतृत्व में राजस्थान के रेल नेटवर्क का निरंतर सुदृढ़ीकरण हो रहा है। इसी दिशा में ₹470.34 करोड़ की लागत से 50.06 किमी लंबे 'रींगस-सीकर' रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी दी गई है। रींगस-सीकर रेलखंड के दोहरीकरण से अब बाबा श्याम के दरबार 'खाटू श्यामजी' और 'सालासर बालाजी' पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। इस निर्णय के लिए माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी का आभार।'




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