वायरल पेपर के 135 सवाल असली एग्जाम से मिले! केमिस्ट्री टीचर ने ‘2026 NEET लीक’ का ऐसे किया पर्दाफाश
NTA लगातार परीक्षा के कड़ी सुरक्षा में कराने की बात कहता रहा, लेकिन माफियाओं ने पेपर लीक करवा दिया। और फिर थक-हारकर प्रशासन ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इस पेपर लीक को पर्दाफाश करने में एक कैमिस्ट्री टीचर का अहम किरदार रहा। जानिए कैसे उन्होंने 2026 NEET लीक का पर्दाफाश किया।

इन दिनों राजस्थान का पारा चढ़ा हुआ है, जिसकी गर्मी पूरा देश महसूस कर रहा है। वजह सिर्फ 45 डिग्री का तापमान नहीं, नीट पेपर लीक होने का खुलासा करने वाले व्हिसलब्लोअर (भंडाफोड़ करने वाला) हैं। NTA लगातार परीक्षा के कड़ी सुरक्षा में कराने की बात कहता रहा, लेकिन माफियाओं ने पेपर लीक करवा दिया। और फिर थक-हारकर प्रशासन ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इस पेपर लीक को पर्दाफाश करने में एक कैमिस्ट्री टीचर का अहम किरदार रहा। जानिए कैसे उन्होंने 2026 NEET लीक का पर्दाफाश किया।
वायरल पेपर के 135 सवाल असली पेपर में हूबहू मिले
सीकर के एक केमिस्ट्री टीचर ने एनडीटीवी से अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बात की। उन्होंने बताया- 3 मई को परीक्षा वाले दिन मेरे मकान मालिक ने व्हाट्सऐप ग्रुप में वायरल हो रहा कथित प्रश्नपत्र दिखाया। उस समय मैं असली प्रश्नपत्र का रिव्यू कर रहा था। जब मैंने वायरल कॉपी की तुलना असली प्रश्नपत्र से की, तो केमिस्ट्री के 45 सवाल असली प्रश्नपत्र में हूबहू पाए। इसके बाद मैंने यह पेपर अपने एक सहयोगी बायोलॉजी टीचर को दिखाया। दोनों ने पाया कि बायोलॉजी सेक्शन के 90 सवाल भी असली प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते हैं।
सबूत जुटाकर NTA और गृह मंत्रालय को भेजी जानकारी
अब दोनों टीचरों को शक और चिंता होने लगी। उन्होंने दूसरे टीचर्स को भी बुलाकर सलाह-मशविरा किया। व्हिसलब्लोअर का दावा है कि उसी रात वह सीकर के उद्योग नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस ने उन्हें लिखित शिकायत और सबूतों के साथ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने को कहा। अगले दो दिनों में उन्होंने स्क्रीनशॉट, वायरल PDF और अन्य डिजिटल सबूत जुटाए। उनके मकान मालिक ने भी शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा। 6 मई को केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव और NTA को ईमेल के जरिए इस मामले की विस्तार से शिकायत भेजी।
NTA, CBI, SOG और सीकर पुलिस ने दर्ज किए बयान
शिकायत भेजने के कुछ घंटों के भीतर ही NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह और CBI अधिकारियों के फोन आने लगे। उन्होंने मामले की जानकारी मांगी। 7 मई को गृह मंत्रालय की एक टीम सीकर पहुंची और व्हिसलब्लोअर का आधिकारिक बयान दर्ज किया गया। इस दौरान उन्होंने वायरल पेपर से जुड़े डॉक्यूमेंट और अन्य जानकारी जांच एजेंसियों को सौंप दी। उसी दिन राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और सीकर पुलिस ने भी उनसे पूछताछ की।
अगर शिकायत नहीं होती, तो मामला दब दिया जाता
टीचर का कहना है कि हमने यह कदम सिर्फ परीक्षा की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर उठाया। अगर समय रहते शिकायत नहीं की जाती, तो मामला दबाया जा सकता था। मामले की जांच कर रही CBI अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और देशभर में कई जगह छापेमारी की गई है।
अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपी, नई तारीखों का जल्द ऐलान
गिरफ्तार आरोपियों में जयपुर के मांगीलाल बिंवाल, विकास बिंवाल और दिनेश बिंवाल, गुरुग्राम के यश यादव और नासिक के शुभम खैरनार शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल दोबारा होने वाली परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। हालांकि NTA के डायरेक्टर जनरल ने कहा है कि अगले 7 से 10 दिनों के भीतर री-एग्जाम का शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा।




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