Explainer: साध्वी प्रेम बाईसा मर्डर मिस्ट्री में पिता, वायरल वीडियो और मौत से पहले की कड़ियां
राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत अब सिर्फ एक संदिग्ध डेथ नहीं, बल्कि कई सवालों और कड़ियों से जुड़ी एक जटिल मिस्ट्री बन चुकी है। पोस्टमार्टम के बाद साध्वी का शव परिजनों को सौंप दिया गया है

राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत अब सिर्फ एक संदिग्ध डेथ नहीं, बल्कि कई सवालों और कड़ियों से जुड़ी एक जटिल मिस्ट्री बन चुकी है। पोस्टमार्टम के बाद साध्वी का शव परिजनों को सौंप दिया गया है और उसे आरती नगर स्थित आश्रम ले जाया गया। लेकिन असली इंतज़ार अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का है, क्योंकि इसी रिपोर्ट से यह साफ हो पाएगा कि साध्वी की मौत एक मेडिकल चूक थी, दवा का रिएक्शन या फिर कुछ और।
कौन थीं साध्वी प्रेम बाईसा?
साध्वी प्रेम बाईसा मूल रूप से जोधपुर की रहने वाली थीं। कम उम्र में ही उन्होंने कथा वाचन और भजन गायन के ज़रिये बड़ी पहचान बना ली थी। उनके कार्यक्रमों में हज़ारों की भीड़ जुटती थी। वह जोधपुर के साधना कुटीर आश्रम में रहती थीं और खुद को बाल संत बताती थीं। उनके पिता वीरमनाथ न सिर्फ उनके अभिभावक थे, बल्कि गुरु भी थे और स्वयं भी साधु के रूप में जाने जाते थे।
मौत से पहले क्या हुआ?
पुलिस के मुताबिक, साध्वी पिछले दो दिनों से मामूली रूप से बीमार थीं। इलाज के लिए आश्रम में ही एक कंपाउंडर को बुलाया गया। कंपाउंडर ने उन्हें एक इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर पिता वीरमनाथ उन्हें प्रज्ञा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने देखते ही उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया। यानी अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस को मौके से जो दवा का पैकेट मिला है, उसके अनुसार साध्वी को DEXONA इंजेक्शन दिया गया था। यहीं से सवाल खड़े होते हैं क्या इंजेक्शन की डोज सही थी? क्या दवा एक्सपायर्ड थी? या फिर किसी तरह की मिलावट या ज़हरीले पदार्थ की आशंका है? पोस्टमार्टम रिपोर्ट इन सवालों का जवाब दे सकती है।
6 महीने पुराना वायरल वीडियो क्यों अहम?
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से जुड़ी मिस्ट्री को और गहरा करता है जुलाई 2025 का एक वायरल वीडियो। 13 जुलाई 2025 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें साध्वी अपने कमरे में लेटी हुई थीं और एक व्यक्ति उनके पास आकर उन्हें पुचकारता और गले लगाता दिख रहा था। यह व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि उनके पिता और गुरु वीरमनाथ थे। वीडियो में दिखा व्यवहार कई लोगों को असहज लगा और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
उस वक्त साध्वी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और कहा था कि वीडियो को काट-छांट कर बदनाम करने की नीयत से वायरल किया गया है। उन्होंने अपने पिता-गुरु के साथ रिश्ते को पवित्र बताया था और यहां तक कहा था कि वह अपनी पवित्रता साबित करने के लिए अग्नि परीक्षा देने को भी तैयार हैं। कुछ समय बाद मामला ठंडा पड़ गया और साध्वी फिर से कथा वाचन में जुट गईं।
इंस्टाग्राम पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस
मौत के दिन की टाइमलाइन भी कई सवाल खड़े करती है। साध्वी की मौत 28 जनवरी की शाम करीब 5:30 बजे हुई। लेकिन उसी रात करीब 9:30 बजे उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट किया गया, जिसे कथित तौर पर ‘डेथ नोट’ बताया जा रहा है। पोस्ट में लिखा था“इस दुनिया को अलविदा कह रही हूं, यहां नहीं तो ऊपर वाले के दरबार में न्याय मिलेगा।”
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब साध्वी की मौत पहले ही हो चुकी थी, तो यह पोस्ट किसने और क्यों किया? क्या यह पहले से शेड्यूल था या किसी और ने उनके अकाउंट का इस्तेमाल किया?
पिता वीरमनाथ का व्यवहार शक के घेरे में क्यों?
मौत के बाद पिता और गुरु वीरमनाथ का व्यवहार भी जांच के दायरे में है। प्रज्ञा हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रवीण जैन ने शव को एंबुलेंस से महात्मा गांधी अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी और एंबुलेंस भी उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन वीरमनाथ ने इसे लेने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, आश्रम में कंपाउंडर बुलाकर इंजेक्शन दिलाना, पुराने वायरल वीडियो का मामला और इंस्टाग्राम पोस्ट पर स्पष्ट जवाब न देना ये सभी कड़ियां संदेह को और गहरा करती हैं।
अब आगे क्या?
फिलहाल जोधपुर पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, इंजेक्शन की फोरेंसिक जांच, कंपाउंडर से पूछताछ और डिजिटल सबूत इन सभी के आधार पर ही यह साफ हो पाएगा कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत हादसा थी, आत्महत्या या फिर किसी गहरी साजिश का नतीजा। तब तक यह मामला सवालों के घेरे में ही रहेगा।
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