ईरान मिसाइल अटैक का शिकार हुआ राजस्थान का युवक,जॉइनिंग के 40 दिन बाद ही मौत
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक दर्दनाक खबर राजस्थान से सामने आई है। प्रदेश के नागौर जिले के एक युवक की ईरान की मिसाइल हमले में मौत हो गई। युवक ओमान के खासब पोर्ट पर खड़े एक क्रूड ऑयल टैंकर पर मर्चेंट नेवी में ड्यूटी कर रहा था।

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक दर्दनाक खबर राजस्थान से सामने आई है। प्रदेश के नागौर जिले के एक युवक की ईरान की मिसाइल हमले में मौत हो गई। युवक ओमान के खासब पोर्ट पर खड़े एक क्रूड ऑयल टैंकर पर मर्चेंट नेवी में ड्यूटी कर रहा था। हमले के बाद जहाज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दो भारतीय क्रू मेंबर्स लापता हो गए थे, जिनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश अब भी जारी है।
मृतक की पहचान नागौर जिले के खींवताना गांव निवासी दलीप सिंह पुत्र कानसिंह के रूप में हुई है। दलीप 22 जनवरी 2026 को मर्चेंट नेवी में शामिल हुए थे और ऑयल/केमिकल टैंकर में क्रू मेंबर के तौर पर कार्यरत थे। कंपनी और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां पिछले तीन दिनों से उनके शव की तलाश में जुटी हैं।
खासब पोर्ट पर खड़ा था शिप, सुबह हुआ हमला
परिजनों और कंपनी सूत्रों के अनुसार 1 मार्च की सुबह ओमान के खासब पोर्ट पर जहाज खड़ा था, तभी ईरान की ओर से दागी गई एक मिसाइल सीधे टैंकर के अगले हिस्से में आकर गिरी। धमाका इतना जोरदार था कि जहाज का फ्रंट पोर्शन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के वक्त अधिकांश क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन जहाज के आगे वाले हिस्से में मौजूद दो सदस्य लापता हो गए।
दलीप सिंह उस समय जहाज के अगले हिस्से में पायलट आशीष कुमार के साथ मौजूद थे। आशीष कुमार बिहार के रहने वाले थे। हमले के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया और उनका शव बरामद कर लिया गया। हालांकि दलीप का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
कंपनी ने तीसरे दिन की मौत की पुष्टि
शिप ‘स्काईलाइट’ कंपनी का बताया जा रहा है। हमले के बाद कंपनी ने तत्काल रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। तीन दिन तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद बुधवार सुबह कंपनी ने आधिकारिक तौर पर दो क्रू मेंबर्स की मौत की पुष्टि की। इनमें दलीप सिंह का नाम भी शामिल है।
हालांकि परिजनों को अब भी शव मिलने का इंतजार है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन मलबे में तलाश कर रहे हैं। जहाज के जिस हिस्से में मिसाइल गिरी, वहां भारी क्षति और आग लगने की सूचना है, जिससे तलाशी अभियान में भी दिक्कत आ रही है।
28 फरवरी को परिवार से हुई थी आखिरी बात
परिवार के अनुसार 28 फरवरी को दलीप की आखिरी बार घर पर बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि वे ओमान पोर्ट पर ड्यूटी पर हैं और सब कुछ सामान्य है। इसके अगले ही दिन सुबह हमले की खबर आई।
दलीप के भाई देवेंद्र सिंह ने बताया कि दलीप ने हाल ही में मर्चेंट नेवी जॉइन की थी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए विदेश में नौकरी स्वीकार की थी। वे घर के मुख्य कमाने वाले सदस्यों में से एक थे।
दलीप के साथ नागौर जिले के बामणा गांव निवासी सुनील कुमार भी उसी जहाज पर कार्यरत थे। जानकारी के मुताबिक सुनील की शिफ्ट समाप्त होने के बाद दलीप उनकी जगह ड्यूटी पर पहुंचे थे। हादसे के वक्त सुनील सुरक्षित थे।
गांव में शोक की लहर, परिजनों की हालत खराब
दलीप की मौत की पुष्टि के बाद खींवताना गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने केंद्र और राज्य सरकार से शव को जल्द भारत लाने और परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब आम भारतीय परिवारों तक पहुंच गया है। विदेश में नौकरी कर रहे युवाओं के लिए यह घटना गहरी चिंता का विषय बन गई है।
फिलहाल परिवार को दलीप के शव के मिलने और अंतिम दर्शन का इंतजार है। कंपनी और एजेंसियां लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं।
इस बीच, नागौर प्रशासन ने भी परिजनों से संपर्क साधा है और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
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