राजस्थान में कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, नागौर-मेड़ता अदालत खाली; ई-मेल में 14 साइनाइड बम का दावा
राजस्थान में गुरुवार को न्यायिक व्यवस्था को दहलाने वाली एक गंभीर घटना सामने आई। नागौर और मेड़ता जिला अदालत को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। धमकी भरा ई-मेल मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं।

राजस्थान में गुरुवार को न्यायिक व्यवस्था को दहलाने वाली एक गंभीर घटना सामने आई। नागौर और मेड़ता जिला अदालत को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। धमकी भरा ई-मेल मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। एहतियात के तौर पर अदालत परिसर को तुरंत खाली कराया गया और व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि जांच के दौरान किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
ई-मेल में दोपहर 2 बजे 14 धमाकों की चेतावनी
पुलिस के अनुसार धमकी भरा ई-मेल गुरुवार सुबह अदालत प्रशासन को मिला था। इसमें दावा किया गया था कि दोपहर दो बजे अदालत परिसर में 14 साइनाइड बम धमाके होंगे। ई-मेल में यह भी लिखा गया था कि इन बमों को परिसर में लगाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। इस संदेश ने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ अदालत में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी।
पुलिस पहुंची मौके पर, तुरंत खाली कराया गया परिसर
कोतवाली थाना अधिकारी वेदपाल शिवरान ने बताया कि ई-मेल की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत नागौर जिला अदालत पहुंच गईं। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे परिसर को खाली करवाया गया। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 11 बजे तक अदालत में मौजूद सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया और इसके बाद पूरे परिसर की बारीकी से जांच शुरू की गई।
बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने की जांच
तलाशी अभियान के दौरान बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की मदद भी ली गई। अदालत के हर कोने, पार्किंग क्षेत्र, रिकॉर्ड रूम और आसपास के हिस्सों की जांच की गई, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बावजूद पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से सतर्कता बनाए रखी और आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी।
सुरक्षा के चलते न्यायिक कार्य स्थगित
धमकी के बाद अदालत में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। नागौर बार संघ के अध्यक्ष डॉ. पवन श्रीमाली ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए अधिवक्ताओं ने सामूहिक निर्णय लेते हुए गुरुवार को न्यायिक कार्य स्थगित कर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के जोखिम से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है। साथ ही परिवादियों और अन्य संबंधित पक्षों को भी सूचित कर दिया गया कि आज अदालत में पेशियां नहीं होंगी।
ई-मेल भेजने वाले की तलाश में जुटी पुलिस
इस घटना ने राजस्थान में न्यायिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। ई-मेल किस सर्वर या आईपी एड्रेस से भेजा गया, इसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकी देने के पीछे किसी शरारती तत्व की हरकत है या कोई बड़ा षड्यंत्र।
अदालत परिसर के बाहर कुछ देर अफरा-तफरी
घटना के बाद अदालत परिसर के बाहर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी बन गया था। वकील, कर्मचारी और मुकदमों के सिलसिले में आए लोग जल्दबाजी में परिसर से बाहर निकलते दिखाई दिए। हालांकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, जांच जारी
नागौर और मेड़ता जैसे महत्वपूर्ण न्यायिक केंद्रों को मिली इस धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस धमकी के पीछे किसका हाथ है। वहीं अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था अस्थायी रूप से और कड़ी कर दी गई है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन