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बेटे ही बन सकते हैं सियासत में बदनामी की वजह; राजस्थान में गहलोत के इस बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौजूदा भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम और मंत्रियों को अपने बेटों को सरकार से दूर रखने की सलाह दी है।

Thu, 26 March 2026 05:23 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान, जयपुर
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बेटे ही बन सकते हैं सियासत में बदनामी की वजह; राजस्थान में गहलोत के इस बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौजूदा भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम और मंत्रियों को अपने बेटों को सरकार से दूर रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सत्ता में परिवार का बढ़ता दखल सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।

सरकार में बढ़ते हस्तक्षेप पर उठाए सवाल

गुरुवार को जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के बेटों का दखल बढ़ गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें सरकारी कामकाज में क्यों प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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‘बेटों को पास लाओगे तो बिगड़ जाएंगे’

गहलोत ने कहा कि बेटों को सत्ता के करीब लाने से वे बिगड़ सकते हैं। उन्होंने सलाह दी कि परिवार के सदस्यों को सरकार से दूर रखकर अच्छे संस्कार दिए जाएं, ताकि वे जिम्मेदारी समझ सकें और विवादों से दूर रहें।

बदनामी का खतरा बताया

पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि कब कौन ऐसा कदम उठा दे जिससे सरकार और व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचे, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि बेटों के कारण बदनामी मुख्यमंत्री और सरकार दोनों की हो सकती है।

‘हर जगह चल रही हैं ऐसी चर्चाएं’

गहलोत ने दावा किया कि प्रदेशभर में इस बात की चर्चा है कि मंत्रियों के परिवार के सदस्य सरकारी कामकाज में दखल दे रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक संकेत नहीं बताया।

विदेश मंत्री के बयान पर जताई आपत्ति

गहलोत ने राष्ट्रीय मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्री के पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी विदेश मंत्री को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और अगर बयान सोच-समझकर दिया गया है तो माफी मांगनी चाहिए।

वैश्विक शांति पर दी नसीहत

उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय बड़े तनाव के दौर से गुजर रही है और ऐसे में शांति स्थापना की कोशिशों को सकारात्मक नजर से देखा जाना चाहिए। किसी देश की मध्यस्थता को गलत तरीके से पेश करना उचित नहीं है।

कानून व्यवस्था पर भी साधा निशाना

प्रदेश के मुद्दों पर गहलोत ने कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं और आम जनता में असुरक्षा का माहौल है।

एफआईआर को लेकर लगाए आरोप

गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार आंकड़े कम दिखाने के लिए एफआईआर दर्ज करने में ढील बरत रही है। इससे अपराध की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पा रही है।

सियासत में बढ़ी नई बहस

गहलोत के इस बयान से प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है। सत्ता में परिवार की भूमिका और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दे एक बार फिर केंद्र में आ गए हैं।

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