राजस्थान में देर रात पुलिस-तस्कर आमने-सामने, एक की मौत
पाली जिले में गुरुवार देर रात पुलिस और संदिग्ध तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ ने एक बार फिर राजस्थान में बढ़ते ड्रग्स नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Rajasthan Police की एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) और बदमाशों के बीच फायरिंग में एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई

पाली जिले में गुरुवार देर रात पुलिस और संदिग्ध तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ ने एक बार फिर राजस्थान में बढ़ते ड्रग्स नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Rajasthan Police की एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) और बदमाशों के बीच फायरिंग में एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक को हिरासत में लिया गया है। घटना खिंवाड़ा थाना क्षेत्र की दीवेर घाटी के पास हुई।
पुलिस के अनुसार, ANTF को दो गाड़ियों में नशे की खेप ले जाए जाने की सूचना मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर टीम ने देर रात संदिग्ध वाहनों का पीछा शुरू किया। प्रारंभिक जांच में यह मामला संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है, जो हाल के महीनों में मारवाड़ बेल्ट में सक्रिय बताया जा रहा है।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
एएसपी चैनसिंह महेचा के मुताबिक, गुरुवार रात एंटी-नारकोटिक टास्क फोर्स को सूचना मिली कि दो कारों में मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है। टीम ने पीछा शुरू किया तो एक गाड़ी तेज रफ्तार में फरार हो गई। दूसरी गाड़ी को रोकने के लिए पुलिस ने रणनीतिक तरीके से सड़क पर अवरोध लगाकर उसके टायर पंक्चर कर दिए।
दीवेर घाटी के निकट गाड़ी रुकते ही उसमें सवार युवक ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई। इस दौरान कार में सवार करीब भुट्टों (36) नाम के युवक के सीने में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे जोजावर अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे पाली के बांगड़ अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
अपराध का बड़ा नेटवर्क?
प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह राजस्थान के रास्ते पड़ोसी राज्यों तक ड्रग्स सप्लाई करता था। पाली, सिरोही और जोधपुर के सीमावर्ती इलाकों को लंबे समय से तस्करी के ट्रांजिट रूट के रूप में चिन्हित किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब्त वाहन और हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ में नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन के बारे में अहम जानकारी मिलने की संभावना है।
राजस्थान में हाल के महीनों में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में भी एंटी-नारकोटिक यूनिट्स ने बड़ी कार्रवाई कर करोड़ों रुपये की मादक सामग्री जब्त की है। ऐसे में पाली की यह मुठभेड़ राज्य में सक्रिय ड्रग सिंडिकेट के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाती है।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल भी
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और कार जब्त करने की बात कही है। हालांकि, नियमों के तहत अब इस पूरे घटनाक्रम की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, ताकि फायरिंग की दिशा और परिस्थितियों की वैज्ञानिक जांच हो सके।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोपियों की ओर से पहले फायरिंग की पुष्टि होती है, तो पुलिस की जवाबी कार्रवाई आत्मरक्षा की श्रेणी में मानी जाएगी। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों की नजर भी इस मामले पर रहेगी, क्योंकि हाल के वर्षों में मुठभेड़ों को लेकर पारदर्शिता की मांग बढ़ी है।
आगे की जांच
खिंवाड़ा थाना पुलिस ने कार में सवार एक अन्य युवक को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ जारी है। फरार दूसरी गाड़ी की तलाश में आसपास के जिलों में नाकाबंदी की गई है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), वाहन पंजीकरण और संभावित सप्लाई चैन की कड़ियों को खंगाल रही है।
पाली की यह घटना केवल एक मुठभेड़ भर नहीं, बल्कि राजस्थान में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ जारी जंग का हिस्सा है। आने वाले दिनों में जांच से यह स्पष्ट होगा कि यह गिरोह कितने बड़े नेटवर्क से जुड़ा था और किन-किन जिलों तक इसकी पहुंच थी। फिलहाल, इस मुठभेड़ ने मारवाड़ क्षेत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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