rajasthan assembly right to health uproar congress walkout jaipur budget session राजस्थान विधानसभा में राइट टू हेल्थ पर घमासान, नेता प्रतिपक्ष और मंत्री में तीखी बहस; कांग्रेस का वॉकआउट, Rajasthan Hindi News - Hindustan
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राजस्थान विधानसभा में राइट टू हेल्थ पर घमासान, नेता प्रतिपक्ष और मंत्री में तीखी बहस; कांग्रेस का वॉकआउट

राजस्थान विधानसभा में राइट टू हेल्थ एक्ट के नियमों को लेकर गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने तीखी नोकझोंक की, जिसके बाद सदन का माहौल गरमा गया। 

Thu, 12 Feb 2026 01:18 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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राजस्थान विधानसभा में राइट टू हेल्थ पर घमासान, नेता प्रतिपक्ष और मंत्री में तीखी बहस; कांग्रेस का वॉकआउट

राजस्थान विधानसभा में राइट टू हेल्थ एक्ट के नियमों को लेकर गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने तीखी नोकझोंक की, जिसके बाद सदन का माहौल गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष और मंत्री के बीच हुई बहसबाजी के बीच स्थिति ऐसी बनी कि स्पीकर वासुदेव देवनानी को हस्तक्षेप करना पड़ा।

विपक्ष के लगातार विरोध और शोर-शराबे से नाराज स्पीकर देवनानी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यही रुख रहा तो वे दिनभर के लिए कार्यवाही स्थगित कर देंगे। स्पीकर की टिप्पणी के बावजूद विपक्ष शांत नहीं हुआ और मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

राइट टू हेल्थ के नियमों पर टकराव

सदन में राइट टू हेल्थ एक्ट के नियमों और उसके क्रियान्वयन से जुड़े सवाल पर चर्चा हो रही थी। विपक्ष का आरोप था कि सरकार ने नियमों को लेकर स्पष्टता नहीं दी है और कई प्रावधानों पर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि एक्ट के नियमों को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत लागू किया जा रहा है और किसी भी प्रकार की आशंका निराधार है।

मंत्री के जवाब पर विपक्ष ने आपत्ति जताई और कहा कि जमीनी स्तर पर अस्पतालों व मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्पीकर को बार-बार व्यवस्था बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।

स्पीकर की सख्त चेतावनी

हंगामे के बीच स्पीकर वासुदेव देवनानी ने स्पष्ट कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। उन्होंने विपक्ष से संयम बरतने की अपील करते हुए चेताया कि यदि व्यवधान जारी रहा तो वे कार्यवाही स्थगित करने के लिए बाध्य होंगे। हालांकि, मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायक सदन से बाहर चले गए।

स्टेट हाईवे पर टोल फ्री का प्रस्ताव नहीं

हंगामे से पहले सदन में एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की। भाजपा विधायक विक्रम बंशीवाल के सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा कि प्रदेश के स्टेट हाईवे पर निजी हल्के वाहनों को टोल फ्री करने का सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है।

उन्होंने बताया कि 14 मई 2018 को जारी अधिसूचना के जरिए निजी हल्के वाहनों को स्टेट हाईवे पर टोल मुक्त किया गया था, लेकिन 31 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने इस अधिसूचना को वापस ले लिया था। वर्तमान में ऐसी किसी नई छूट पर विचार नहीं किया जा रहा है। इससे स्पष्ट हो गया कि राज्य के स्टेट हाईवे पर निजी वाहनों को निर्धारित टोल देना ही होगा।

बजट बहस और संभावित घोषणाएं

विधानसभा में बजट बहस का दौर भी जारी है। बजट बहस शुरू होने से पहले कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक में हुए फैसलों की जानकारी सदन में दी जाएगी। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग बीएसी के निर्णयों का प्रतिवेदन पढ़कर सुनाएंगे।

अगले सप्ताह डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी बजट बहस का जवाब देंगी। परंपरा रही है कि बजट पर जवाब के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करती रही है। ऐसे में इस बार भी बजट बहस के समापन पर नई योजनाओं या अतिरिक्त प्रावधानों की घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है।

राजनीतिक माहौल गरम

राइट टू हेल्थ एक्ट और टोल नीति जैसे मुद्दों पर हुई बहस से साफ है कि विधानसभा का राजनीतिक तापमान बजट सत्र के दौरान ऊंचा बना हुआ है। एक ओर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है, तो वहीं सरकार अपने फैसलों को उचित ठहराने में जुटी है। आने वाले दिनों में बजट बहस और संभावित घोषणाओं के बीच सदन में और भी तीखी राजनीतिक टकराहट देखने को मिल सकती है।

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