जयपुर के चांदपोल क्षेत्र में तनाव के बाद पुलिस तैनात, दरगाह मरम्मत को लेकर सियासी तकरार तेज
जयपुर परकोटा क्षेत्र के चांदपोल गेट के पास निर्माणाधीन दरगाह की मरम्मत को लेकर रविवार को शुरू हुई सियासी तकरार के बाद सोमवार को इलाके में पुलिस तैनात कर दी गई। दरगाह और उसके समीप स्थित श्री परकोटा गणेश मंदिर के आसपास एहतियातन सुरक्षा बढ़ाई गई है,

जयपुर परकोटा क्षेत्र के चांदपोल गेट के पास निर्माणाधीन दरगाह की मरम्मत को लेकर रविवार को शुरू हुई सियासी तकरार के बाद सोमवार को इलाके में पुलिस तैनात कर दी गई। दरगाह और उसके समीप स्थित श्री परकोटा गणेश मंदिर के आसपास एहतियातन सुरक्षा बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
पूरा मामला रविवार को उस समय गरमा गया, जब हवा महल से भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य और किशनपोल से कांग्रेस विधायक अमीन कागजी के बीच निर्माण कार्य को लेकर तीखी बहस हो गई। दोनों विधायकों के बीच हुई इस मौखिक नोकझोंक का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं, जिसके बाद प्रशासन सतर्क हो गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चांदपोल गेट के पास स्थित एक पुरानी दरगाह की मरम्मत और छत निर्माण को लेकर विवाद सामने आया था। भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य ने आरोप लगाया कि बिना अनुमति के निर्माण कार्य किया जा रहा है, जबकि कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मरम्मत कार्य नियमों के तहत हो रहा है और इसमें कोई अवैधता नहीं है।
रविवार को दोनों नेताओं के मौके पर पहुंचने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। समर्थकों के एकत्र होने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया। सोमवार सुबह से ही दरगाह, मंदिर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी रही। पुलिस ने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और फिलहाल किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
जयपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह कदम पूरी तरह एहतियातन उठाया गया है। किसी भी धार्मिक स्थल को लेकर संवेदनशीलता को देखते हुए शांति और सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों से अपील की है कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और यदि किसी को आपत्ति है तो उसे संबंधित विभाग के समक्ष रखें।
इस बीच नगर निगम और संबंधित विभागों से निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन यह स्पष्ट करने में जुटा है कि मरम्मत कार्य के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपने-अपने विधायकों के समर्थन में उतर आए हैं। हालांकि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ बयान पर सख्त नजर रखी जा रही है।
फिलहाल चांदपोल और आसपास का इलाका शांत है, लेकिन पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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