युद्ध के बीच दुबई में अटके राजस्थान के ज्योतिषी,महाकाल के पुजारी संग गए थे
मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की आंच अब राजस्थान के एक छोटे से गांव तक पहुंच गई है। डीग जिले के नगर थाना क्षेत्र के तरोडर गांव निवासी 28 वर्षीय युवा ज्योतिषी रंगनाथ शर्मा इस समय दुबई में फंसे हुए हैं।

मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की आंच अब राजस्थान के एक छोटे से गांव तक पहुंच गई है। डीग जिले के नगर थाना क्षेत्र के तरोडर गांव निवासी 28 वर्षीय युवा ज्योतिषी रंगनाथ शर्मा इस समय दुबई में फंसे हुए हैं। युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं प्रभावित होने से उनकी भारत वापसी फिलहाल संभव नहीं हो पा रही है। इस खबर से उनके परिवार में चिंता और बेचैनी का माहौल है।
अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में गए थे दुबई
परिजनों के अनुसार, रंगनाथ शर्मा पेशे से ज्योतिषी हैं और जयपुर स्थित संस्कृत महाविद्यालय में संविदा पर अध्यापन का कार्य भी करते हैं। वे 28 फरवरी को दुबई में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत के कई प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्यों के साथ रवाना हुए थे। इस प्रतिनिधिमंडल में महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी विकास शर्मा भी शामिल थे।
परिवार का कहना है कि सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और रंगनाथ की 1 मार्च को भारत वापसी तय थी। उन्होंने समय पर होटल से चेक-आउट कर एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान भी कर दिया था, लेकिन इसी दौरान क्षेत्र में युद्ध की घोषणा और हवाई क्षेत्र बंद होने की सूचना मिल गई।
एयरपोर्ट से वापस भेजे गए
बताया जा रहा है कि हालात अचानक बिगड़ने के कारण दुबई एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया। सुरक्षा कारणों से स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों को एयरपोर्ट परिसर से हटाकर वापस होटल भेजना शुरू कर दिया। रंगनाथ शर्मा और उनके साथ गए अन्य भारतीय प्रतिनिधि भी उन्हीं में शामिल थे।
सूत्रों के अनुसार, दुबई पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक हवाई क्षेत्र सामान्य नहीं होता, तब तक यात्रियों को होटल में ही ठहरना होगा। फिलहाल रंगनाथ एक सुरक्षित होटल में ठहरे हुए हैं और भारतीय दूतावास से संपर्क में हैं।
बड़े भाई कांस्टेबल, लगातार संपर्क में
रंगनाथ के बड़े भाई मिथलेश जोशी धौलपुर जिले के नांदनपुर थाने में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि वे लगातार अपने छोटे भाई के संपर्क में हैं। “कल ही वीडियो कॉल पर बात हुई थी। वह सुरक्षित हैं, लेकिन वहां का माहौल तनावपूर्ण है। उन्होंने हमें चिंता न करने को कहा है,” मिथलेश ने बताया।
उन्होंने कहा कि युद्ध जैसी स्थिति में अनिश्चितता सबसे बड़ी चिंता होती है। उड़ानें कब शुरू होंगी, यह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में परिवार हर पल अपडेट का इंतजार कर रहा है।
गांव में बढ़ी बेचैनी
तरोडर गांव में जैसे ही यह खबर फैली कि रंगनाथ दुबई में फंसे हुए हैं, परिजनों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई। अभी रंगनाथ अविवाहित हैं, जिससे परिवार का भावनात्मक लगाव और भी गहरा है। उनकी मां और अन्य परिजन घर पर पूजा-पाठ कर सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि रंगनाथ गांव का होनहार युवक है, जिसने कम उम्र में ही ज्योतिष के क्षेत्र में पहचान बनाई है। ऐसे में पूरा गांव उसकी सुरक्षित वापसी की कामना कर रहा है।
भारत सरकार और दूतावास की नजर
परिजनों को उम्मीद है कि भारत सरकार और दुबई स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विदेश मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी एडवाइजरी के तहत युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों से संपर्क साधा जा रहा है। हालांकि, जब तक हवाई सेवाएं सामान्य नहीं होतीं, तब तक वापसी की प्रक्रिया शुरू होना संभव नहीं दिख रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर वैश्विक उड्डयन सेवाओं पर पड़ रहा है। कई देशों ने एहतियातन अपने हवाई क्षेत्र को सीमित या बंद कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्राएं प्रभावित हो रही हैं।
अनिश्चितता के बीच उम्मीद
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया है कि वैश्विक स्तर पर होने वाली राजनीतिक और सैन्य घटनाओं का असर आम नागरिकों तक कैसे पहुंचता है। डीग के तरोडर गांव में बैठा एक परिवार इस समय अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने की प्रार्थना कर रहा है।
रंगनाथ शर्मा फिलहाल सुरक्षित हैं, लेकिन उनकी घर वापसी कब होगी, यह युद्ध की स्थिति पर निर्भर करेगा। परिवार को भरोसा है कि हालात जल्द सामान्य होंगे और उनका बेटा सकुशल घर लौटेगा। तब तक गांव और परिवार की निगाहें हर खबर और हर कॉल पर टिकी हुई हैं।
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